हलषष्ठी व ललही छठ पर महिलाओं ने रखा व्रत। मदरिया । --------

हलषष्ठी व ललही छठ पर महिलाओं ने रखा व्रत। मदरिया । -------- संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना... संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना को लेकर बुधवार को गोला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ हलषष्ठी, तीनछठ्ठी व ललही छठ का व्रत रखा। सुबह से ही व्रती महिलाओं ने स्नान आदि के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का स्मरण किया और संतान की लंबी आयु तथा परिवार की सुख-शांति की कामना की। व्रत को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह महिलाएं समूह में एकत्र हुईं और पूजा स्थल पर कुश, पलाश, महुआ सहित अन्य पूजन सामग्री स्थापित कर बलराम जी की पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने व्रत की कथा सुनी और परंपरागत मंगलगीत एवं धार्मिक गीत गाकर पूजा संपन्न की। धार्मिक मान्यता के अनुसार हलषष्ठी का पर्व भगवान बलराम को समर्पित है। भगवान बलराम का प्रमुख अस्त्र हल होने के कारण इस व्रत को हलषष्ठी कहा जाता है। माताएं संतान की दीर्घायु, आरोग्य एवं उन्नति की कामना से इस दिन कठिन व्रत रखती हैं। व्रत के दौरान हल से जुड़ी फसलों तथा कुछ विशेष खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज किया जाता है। क्षेत्र की महिलाओं ने बताया कि हलषष्ठी व ललही छठ का व्रत वर्षों से चली आ रही परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से माताएं अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और परिवार की सुख-शांति के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं। पूजा-अर्चना और कथा के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं दीं।