Bansgaon Sandesh
Login
V
Ghazipur४ दिन पहले

किसान आंदोलन के प्रणेता स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती पर दुल्लहपुर में

किसान आंदोलन के प्रणेता स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती पर दुल्लहपुर में

किसान आंदोलन के प्रणेता स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती पर दुल्लहपुर में श्रद्धांजलि समारोह दुल्लहपुर-गाजीपुर। किसान आंदोलन के प्रणेता एवं महान संत स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को दुल्लहपुर क्षेत्र में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला मंत्री अनिल कुमार पांडे के नेतृत्व में दुल्लहपुर स्टेशन के पीछे स्थापित स्वामी सहजानंद सरस्वती की प्रतिमा स्थल पर साफ-सफाई, पुष्पार्चन, माल्यार्पण एवं पूजन किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री पांडे ने कहा कि 22 फरवरी 1889 को देवा गांव में श्री बेनी राय के घर जन्मे नवरंग राय आगे चलकर स्वामी सहजानंद सरस्वती के रूप में देश के महान संत, दार्शनिक एवं किसान नेता बने। उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था से ही मेधावी नवरंग राय ने प्राथमिक शिक्षा जलालाबाद में प्राप्त की तथा जूनियर हाई स्कूल की परीक्षा में प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। 16 वर्ष की आयु में विवाह के उपरांत एक वर्ष में ही पत्नी के निधन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और वे वैराग्य मार्ग पर अग्रसर हो गए।वक्ता ने कहा कि परिव्राजक संन्यासी बनने के पश्चात स्वामी जी ने बिहार के पटना जनपद के बिहटा में आश्रम की स्थापना कर अंग्रेजों के विरुद्ध बिगुल फूंका तथा किसानों के हक की लड़ाई को संगठित रूप दिया। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी अग्रणी भूमिका को देश सदैव स्मरण रखेगा।कार्यक्रम के दौरान “स्वामी सहजानंद सरस्वती अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गूंज उठा। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता रामप्यारे यति ने की तथा संचालन भाजपा महामंत्री राजेश विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर विनोद राजभर, रामानंद जायसवाल, कमलेश चौहान (ग्राम प्रधान), लाल बहादुर चौहान (पूर्व मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा), नमन पांडे, शिवम मोदी (कार्यक्रम प्रभारी), अजय पांडे, मनोज चौरसिया, सुभाष पांडेय, आदिल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।उधर देवा गांव (पांडेपुरा) में भी जयंती के अवसर पर खिचड़ी प्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में स्वामी जी के आदर्शों पर चलने एवं किसानों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया।

300 likes
0 comments1 shares