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Gazipurलगभग १ घंटा पहले

धामूपुर में शहीद वीर अब्दुल हमीद की 61वीं बलिदान दिवस पर गूंजा

धामूपुर में शहीद वीर अब्दुल हमीद की 61वीं बलिदान दिवस पर गूंजा

धामूपुर में शहीद वीर अब्दुल हमीद की 61वीं बलिदान दिवस पर गूंजा देशभक्ति का संदेश भारत के प्रथम 21 परमवीर चक्र विजेताओं की स्मृति में जल स्मारक का भव्य शिलान्यास, 39 जीटीसी वाराणसी की मौजूदगी में कमांडेंट ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर जखनिया/गाजीपुर। परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की 61वीं बलिदान दिवस के अवसर पर गुरुवार को उनके पैतृक गांव धामूपुर स्थित हमीद मेमोरियल पार्क में भव्य श्रद्धांजलि एवं स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। शहीद की शौर्यगाथा को नमन करने के लिए आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सेना एवं पुलिस के जवान, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा क्षेत्रीय जनता उमड़ी।समारोह में 39 जीटीसी रेजीमेंट वाराणसी की गरिमामय मौजूदगी विशेष आकर्षण रही। रेजीमेंट के जवानों ने सैन्य अनुशासन एवं सम्मान के साथ शहीद वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। 39 जीटीसी के कमांडेंट ने शहीद वीर अब्दुल हमीद को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी देकर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। सैन्य जवानों की मौजूदगी और गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा।इस अवसर पर भारत के प्रथम 21 परमवीर चक्र विजेताओं की स्मृति में जल स्मारक का भव्य शिलान्यास किया गया। स्मारक के माध्यम से देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले परमवीर चक्र विजेताओं की वीरगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम में गाजीपुर के एमएलसी विशाल सिंह चंचल, घोसी सांसद अतुल राय, परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा, उप जिलाधिकारी जखनिया सहित प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अपर पुलिस अधीक्षक, सेना एवं पुलिस के जवान, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग समारोह में शामिल हुए।कार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं सेना के अधिकारियों ने शहीद वीर अब्दुल हमीद के स्मृति स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। शहीद को सैन्य सम्मान दिए जाने के दौरान उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय और शहीद वीर अब्दुल हमीद अमर रहें के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया।वक्ताओं ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का जीवन और उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा है। वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन के शक्तिशाली टैंकों को ध्वस्त किया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उनके अद्वितीय शौर्य और वीरता के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।21 परमवीर चक्र विजेताओं की वीरगाथा को समर्पित होगा स्मारक हमीद मेमोरियल पार्क में भारत के प्रथम 21 परमवीर चक्र विजेताओं की स्मृति में जल स्मारक का शिलान्यास समारोह का विशेष आकर्षण रहा। आयोजकों ने बताया कि स्मारक स्थल को ऐसा स्वरूप देने की योजना है, जहां देशभक्ति, शौर्य और बलिदान की गाथाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया जा सके।समारोह में बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गीत, नृत्य एवं विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने शहीदों के त्याग, देशप्रेम और वीरता का संदेश दिया। शानदार प्रस्तुतियों के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया।सेना एवं पुलिस के जवानों की मौजूदगी ने समारोह को और गरिमामय बना दिया। जवानों ने शहीद वीर अब्दुल हमीद के बलिदान को नमन करते हुए देश की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के प्रति अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि शहीदों की स्मृतियों को सुरक्षित रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और देश के लिए समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।धामूपुर की धरती पर आयोजित यह समारोह शहीद वीर अब्दुल हमीद के सर्वोच्च बलिदान के साथ देश के सभी वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान का प्रतीक बन गया। 39 जीटीसी वाराणसी के सैन्य सम्मान, गार्ड ऑफ ऑनर और देशभक्ति के नारों के बीच शहीद की शौर्यगाथा एक बार फिर जन-जन के मन में जीवंत हो उठी।

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