Bansgaon Sandesh
Login
Krishna Kant Singh Hamirpur
Hamirpur१९ दिन पहले

ऑटिज्म व बाल विकास-जांच के लिए सृजन और मॉम्स बिलीफ का अभियान

ऑटिज्म व बाल विकास-जांच के लिए सृजन और मॉम्स बिलीफ का अभियान

ग्रामीण बच्चों में समय रहते पहचान पर जोर, बुंदेलखंड में 5 हजार बच्चों की होगी स्क्रीनिंग राठ (हमीरपुर)। ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक विकास से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सृजन एक सोच और मॉम्स बिलीफ द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र में विशेष बाल विकास-जांच अभियान की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में एपेक्स मॉडर्न पब्लिक स्कूल परिसर में कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों की विकासात्मक स्थिति का आकलन किया गया। आयोजकों ने बताया कि अभियान के तहत बच्चों में ऑटिज्म सहित अन्य विकासात्मक चुनौतियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श, थेरेपी और विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में गंभीर समस्याओं से बचाव संभव हो सके। कार्यक्रम में डॉ. संतोष सिंह लोधी, डॉ. बृजेश राजपूत, अजेश राजपूत (निदेशक, एपेक्स मॉडर्न पब्लिक स्कूल) और डॉ. नितिन पात्रा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सृजन एक सोच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र गुप्ता ने बताया कि यह अभियान बुंदेलखंड क्षेत्र में 5,000 बच्चों की विकास-जांच के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया है। यह परियोजना सृजन एक सोच, मॉम्स बिलीफ और अपुर्व ट्रस्ट के सहयोग से संचालित की जा रही है, ताकि गांवों में रहने वाले बच्चों तक विशेषज्ञ सेवाएं पहुंच सकें। डॉ. नितिन पात्रा ने बताया कि स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों से 20 से 25 वैज्ञानिक व व्यवहारिक प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही माता-पिता या शिक्षकों से लगभग 10 मिनट का संवाद कर बच्चे के विकासात्मक स्तर का समग्र मूल्यांकन किया जाता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. संतोष सिंह लोधी ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में विकास से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं, लेकिन यदि प्रारंभिक अवस्था में सही थेरेपी, परामर्श और मार्गदर्शन मिल जाए तो बच्चों में सकारात्मक सुधार संभव है। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक प्रभात सक्सेना और सलाहकार धर्मेंद्र घई ने जानकारी दी कि इस मॉडल को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण और वंचित समुदायों तक पहुंचाने की योजना है। धर्मेंद्र घई ने कहा कि “जब हर बच्चा खुलकर खिलता है, तभी मजबूत परिवार और सशक्त समाज का निर्माण होता है।” फोटो कैप्शन: कार्यक्रम का उद्घाटन करतीं डॉ. संतोष सिंह लोधी एवं उपस्थित अतिथि।

1101 likes
0 comments0 shares