यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन रेलवे

यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन रेलवे स्टेशन से तहसील तक निकाला जुलूस, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन जखनिया (गाजीपुर)। यूजीसी के नए नियमों को लेकर अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जखनिया में प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता जखनिया रेलवे स्टेशन पर एकत्र हुए और वहां से जुलूस निकालकर तहसील मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने यूजीसी की अधिसूचना वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी की। तहसील पहुंचकर उप जिलाधिकारी जखनिया अतुल कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा।जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने “यूजीसी रोलबैक” और “सवर्ण एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए। तहसील परिसर में पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर संगठन की आपत्तियां एसडीएम के समक्ष रखीं।जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Educational Institutions) Regulations, 2026 उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और भेदभाव की रोकथाम के उद्देश्य से बनाए गए हैं। संगठन को इन नियमों में शिकायतों के निस्तारण एवं संस्थागत व्यवस्था से जुड़े कुछ प्रावधानों पर आपत्ति है।उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में किसी भी छात्र के साथ जाति, वर्ग अथवा किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। साथ ही शिकायतों की जांच की प्रक्रिया भी ऐसी होनी चाहिए जिसमें शिकायतकर्ता और आरोपित दोनों पक्षों को निष्पक्ष रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर मिले।सिंह ने कहा कि संगठन को आशंका है कि यदि शिकायतों की जांच के दौरान पर्याप्त सुरक्षा एवं जांच की पारदर्शी व्यवस्था नहीं रही तो नियमों के दुरुपयोग की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए शिकायतों के निस्तारण में प्राकृतिक न्याय, निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों को सुनने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।राजकुमार सिंह ने कहा कि किसी भी कानून अथवा नियम का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को न्याय और समान अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग सहित सभी वर्गों के विद्यार्थियों के अधिकारों का समान रूप से संरक्षण किया जाना आवश्यक है।उन्होंने सरकार से यूजीसी की अधिसूचना की समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिसमें समानता, निष्पक्षता और संविधान के मूल सिद्धांतों का पालन हो। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी प्रभावी रूप से ध्यान में रखने की मांग उठाई। राजकुमार सिंह ने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा। यदि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा विचार नहीं किया गया तो संगठन आगे भी शांतिपूर्ण आंदोलन करेगा और आवश्यकता पड़ने पर विधिक विकल्पों का सहारा लिया जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी वर्ग के अधिकारों का विरोध करना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा में सभी विद्यार्थियों के लिए समान अवसर, निष्पक्ष शिकायत निवारण और न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह, वेद प्रकाश पांडेय, अश्वनी सिंह, संतोष सिंह, मुन्ना, अजीत सिंह, आलोक पांडेय, राजेश दुबे, पिल्लू गौतम सिंह, अनिल सिंह, गौरव सिंह, भवानी प्रसाद सिंह, विवेक सिंह, राकेश सिंह, विजय प्रताप सिंह, सूरज सिंह, रामप्रवेश पांडेय, जोगेंद्र सिंह, पंकज सिंह, अमन सिंह, राजवीर सिंह, योगेंद्र सिंह, सोनू सिंह, प्रिंस सिंह, रोहित सिंह, कृष्ण सिंह, अविनाश सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।