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Lucknowलगभग २ घंटे पहले

लखनऊ में ज्यादा, वो टिकट से दूर? अखिलेश ने सपा के लिए

लखनऊ में ज्यादा, वो टिकट से दूर? अखिलेश ने सपा के लिए

लखनऊ में ज्यादा, वो टिकट से दूर? अखिलेश ने सपा के लिए बनाया नया डेटा सिस्टम, टिकट दावेदार सावधान अखिलेश यादव अनुसार, पार्टी नेतृत्व इस डाटा के जरिए यह आकलन करना चाहता है कि कौन नेता जनता के बीच काम कर रहा है और कौन सिर्फ सिफारिश या दबाव की राजनीति में लगा है. सूत्रों के अनुसार, भविष्य में टिकट बांटने और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के तय करने में इस डाटा को अहम आधार बनाया जा सकता है. लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच संगठन को ज़मीन से जोड़ने के लिए नई व्यवस्था लागू की है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐसा सिस्टम विकसित कराया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कौन-कौन से कार्यकर्ता और नेता अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं और कौन अधिक समय लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं. इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अब जो भी कार्यकर्ता या नेता पार्टी कार्यालय में अखिलेश यादव या अन्य वरिष्ठ नेताओं से मिलने आता है, उसकी फोटो ली जाती है और संपर्क नंबर दर्ज किया जाता है. इन तस्वीरों और मोबाइल नंबरों का एक डाटाबेस तैयार किया जा रहा है. इससे यह ट्रैक किया जाएगा कि कोई व्यक्ति महीने में कितनी बार मुख्यालय पहुंच रहा है. टिकट दावेदारों की बढ़ी भीड़रिपेार्ट कहती है कि जैसे-जैसे 2027 का चुनाव नजदीक आ रहा है, टिकट के दावेदारों और संगठन में जगह चाहने वालों की संख्या बढ़ रही है. पार्टी मुख्यालय में ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही लगातार बढ़ी है. बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि केवल राजधानी में सक्रिय रहने वालों के बजाय अपने क्षेत्र में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिले. पार्टी नेतृत्व इस डाटा के जरिए यह आकलन करना चाहता है कि कौन नेता जनता के बीच काम कर रहा है और कौन सिर्फ सिफारिश या दबाव की राजनीति में लगा है. सूत्रों के अनुसार, भविष्य में टिकट बांटने और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के तय करने में इस डाटा को अहम आधार बनाया जा सकता है. संगठन को मजबूत करने की रणनीतिराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम संगठनात्मक अनुशासन और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में है. इससे पार्टी यह संदेश भी देना चाहती है कि 2027 की तैयारी सिर्फ बैठकों से नहीं, बल्कि बूथ और क्षेत्र स्तर पर सक्रियता से होगी. कुल मिलाकर, समाजवादी पार्टी की यह नई प्रणाली 2027 के चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय और रिजल्‍ट देने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है.

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