*_बारा तहसील के दो बड़े अधिकारियों की शराब पीते फोटो-वीडियो वायरल_* *_अधिकारियों

*_बारा तहसील के दो बड़े अधिकारियों की शराब पीते फोटो-वीडियो वायरल_* *_अधिकारियों की इस हरकत से प्रशासन की छवि पर सवाल, जांच की उठी मांग_* प्रयागराज। बारा तहसील में इन दिनों भ्रष्टाचार को लेकर माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) प्रेरणा गौतम पर पहले से ही भ्रष्टाचार और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं, जिसको लेकर अधिवक्ता लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। वायरल वीडियो में तहसील के दोनों रजिस्ट्रार कानूनगो को कथित तौर पर खुलेआम “सोमरस” (शराब) का सेवन करते हुए देखा जा रहा है। अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारा तहसील में बिना पैसे के कोई भी काम नहीं होता। हर फाइल, हर दस्तावेज और हर प्रक्रिया के लिए “रेट तय” होने की बात कही जा रही है। आरोप यह भी है कि जो व्यक्ति पैसे देने में असमर्थ होता है, उसका काम या तो लटका दिया जाता है या फिर उसे बेवजह परेशान किया जाता है। वकीलों का कहना है कि संबंधित अधिकारी न केवल भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, बल्कि उनका व्यवहार भी फरियादियों के प्रति बेहद अभद्र रहता है। अब वायरल वीडियो ने इन आरोपों को और हवा दे दी है, जिससे तहसील प्रशासन की छवि पर बड़ा दाग लगा है। हालांकि वीडियो की सत्यता की जांच अभी बाकी है, लेकिन इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोगों में यह चर्चा भी तेज है कि तहसील स्तर पर होने वाली अवैध वसूली का हिस्सा ऊपर तक पहुंचता है, जिसके कारण कार्रवाई नहीं होती। अब सवाल उठ रहा है कि क्या बारा तहसील में कानून व्यवस्था सिर्फ आम जनता के लिए है? क्या भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता में लिप्त अधिकारियों को किसी बड़े संरक्षण का सहारा मिला हुआ है? जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक बारा तहसील का यह मामला प्रशासनिक भ्रष्टाचार की एक बड़ी मिसाल बना रहेगा।