लखनऊ में AI से डिजाइन हुआ बप्पा का अनोखा कलश पंडाल, 10

लखनऊ में AI से डिजाइन हुआ बप्पा का अनोखा कलश पंडाल, 10 दिन में 2 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन का लक्ष्य *लखनऊ।* राजधानी में गणेश चतुर्थी की धूम शुरू हो गई है। चारों तरफ 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे गूंज रहे हैं। इसी कड़ी में निशातगंज स्थित पेपर मिल कॉलोनी में एक अनोखा पंडाल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां भव्य पंडाल को कलश के आकार में बनाया गया है, जिसका डिजाइन AI की मदद से तैयार किया गया है। रविवार देर रात पर्दा हटने के साथ ही बप्पा विराजमान हो गए। दर्शन से पहले आधे घंटे तक आतिशबाजी हुई और भक्तिमय माहौल में पहली बार बप्पा के दर्शन हुए। *कोलकाता के 8 कारीगरों ने 22 दिन में बनाया पंडाल* आयोजन समिति अक्षय समिति के सदस्य *प्रतीक सिन्हा* ने बताया कि इस पूरे उत्सव का आयोजन उनकी संस्था करती है। इस 45 फीट लंबे और 45 फीट चौड़े कलश पंडाल को बनाने में पूरे 22 दिन लगे। कोलकाता से आए 8 कारीगरों ने दिन-रात मेहनत कर इसे तैयार किया है। समिति का हर साल प्रयास रहता है कि सनातन धर्म से जुड़ी किसी निशानी को पंडाल का रूप दिया जाए। पिछले साल शिवलिंग के आकार का पंडाल बनाया था। *AI की रही अहम भूमिका* प्रतीक सिन्हा ने बताया कि इस बार मंथन में कलश के आकार का आइडिया आया, लेकिन वैसा डिजाइन बन नहीं पा रहा था। फिर AI की मदद से कलश वाले पंडाल को डिजाइन किया गया। अगर AI का सकारात्मक इस्तेमाल किया जाए तो यह बहुत मददगार है, इस पंडाल ने ये साबित किया है। *16 सालों से सज रहा है पंडाल* दूसरे आयोजक *आलोक आचार्य* ने बताया कि पिछले 16 वर्षों से लगातार यहां गणेश चतुर्थी का पंडाल सज रहा है। इस बार 14 सितंबर से 23 सितंबर तक 10 दिनों तक भव्य मेले का आयोजन होगा। हर दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें कॉलोनी के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। *प्रतिदिन 20 हजार लोग करते हैं दर्शन* आयोजक *अरुण टंडन* ने कहा कि यह सौभाग्य है कि बप्पा ने हमें पूजा के लिए चुना। यहां प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग दर्शन के लिए आते हैं। 10 दिनों में 2 लाख से अधिक लोगों के आने का अनुमान है। स्थानीय लोगों के भरपूर सहयोग के बिना इतना भव्य आयोजन संभव नहीं है।