बाढ़ के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए राहत-बचाव

बाढ़ के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए राहत-बचाव के निर्देश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश, एनडीआरएफ व बचाव दल को रखा गया सक्रिय डीएम की अपील—खतरा देखते ही सुरक्षित स्थानों पर जाएं, नदी-बाढ़ के पानी के पास न जाएं गाजीपुर, 01 सितंबर। गंगा नदी सहित जनपद की अन्य नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और बाढ़ प्रभावित अथवा संभावित बाढ़ वाले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है, जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण के निर्देश डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जलस्तर, प्रभावित गांवों, आवागमन की स्थिति तथा राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों तक प्रशासनिक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीआरएफ एवं बचाव दल को भी सक्रिय और चक्रमणशील रखने को कहा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू एवं राहत कार्य शुरू किया जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय पहले से सुनिश्चित किए जाएं। बाढ़ प्रभावितों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के लिए भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन ने पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री की व्यवस्था की है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जरूरत एवं प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री का वितरण लगातार जारी रखा जाए तथा प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का नियमित आकलन किया जाए। पशुओं की सुरक्षा पर भी विशेष जोर बाढ़ की स्थिति में पशुओं की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक करने के साथ ही पशुओं के लिए चारा, पानी एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। नदी और बाढ़ के पानी से दूर रहें बच्चे व युवा डीएम ने बढ़ते जलस्तर के बीच बच्चों एवं युवाओं द्वारा नदी अथवा बाढ़ के पानी में नहाने के प्रयास पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराने तथा पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन के माध्यम से लोगों को नदी और बाढ़ के पानी के निकट जाने से रोकने के निर्देश दिए।उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नदी, नहर, तालाब अथवा बाढ़ के पानी के आसपास न जाने दें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन के निर्देशों का करें पालन जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि किसी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है तो तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे राहत एवं सुरक्षित आश्रय स्थलों का उपयोग करें।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, एनडीआरएफ/बचाव दल एवं संबंधित विभागों की टीमें पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने, नियमित भ्रमण करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।