अयोध्या–प्रयागराज हाईवे बदहाल: गड्ढों में तब्दील सड़क से रामभक्त परेशान, मरम्मत पर
अयोध्या–प्रयागराज हाईवे बदहाल: गड्ढों में तब्दील सड़क से रामभक्त परेशान, मरम्मत पर उठे सवाल सुलतानपुर। जनपद से होकर गुजरने वाला अयोध्या–प्रयागराज हाईवे इन दिनों अपनी जर्जर स्थिति को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों व श्रद्धालुओं के लिए गंभीर समस्या बन गए हैं। आरोप है कि एनएचआई (NHI) विभाग के अधिकारी मनमाना रवैया अपनाए हुए हैं और लगातार शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। इस पूरे मामले में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विनय कुमार सिंह ने संज्ञान लेते हुए एनएचआई विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए जाने की बात कही है। *प्यागीपुर चौराहे से कटका बाजार तक खस्ताहाल मार्ग* स्थानीय लोगों के अनुसार प्यागीपुर चौराहे से टाटिया नगर चौराहा होते हुए कटका बाजार तक सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। मार्ग पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों का सफर जोखिम भरा हो गया है। बाइक सवारों से लेकर चार पहिया वाहन चालकों तक सभी को दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहीं कई वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। *रामनवमी से पहले बढ़ी श्रद्धालुओं की मुश्किलें* रामनवमी पर्व को लेकर गुजरात, केरल, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल स्थिति जिले और प्रदेश की छवि पर भी असर डाल रही है। यात्रियों को जाम, झटकों भरे सफर और वाहन खराब होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। *गड्ढा मुक्ति’ अभियान पर उठे सवाल* स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष “गड्ढा मुक्ति अभियान” के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई नहीं देता। मार्च माह में पुनः भुगतान होने की चर्चा के बावजूद सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। ,*अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी* बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता रायबरेली में तैनात हैं। सड़क की खराब स्थिति को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। *फ्लाईओवर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल* स्थानीय अधिवक्ता सज्जाद अहमद ने टाटिया नगर स्थित गोमती नदी पर बने फ्लाईओवर की डिजाइनिंग और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग के कारण पिछले तीन वर्षों में 5 से 6 बार मरम्मत करनी पड़ी है। उनका कहना है कि अब केवल मरम्मत नहीं बल्कि फ्लाईओवर के पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। *स्थानीय लोगों की पीड़ा* स्थानीय निवासी लाइक अहमद, रुखसार, दीपक और दिलीप का कहना है कि सड़क पर गड्ढों की संख्या इतनी अधिक है कि “सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं।” रोजाना आवागमन करने वाले लोगों और यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। *मरम्मत कब होगी?* लगातार शिकायतों और बढ़ती परेशानियों के बावजूद सड़क की मरम्मत कब शुरू होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर सड़क एवं फ्लाईओवर की गुणवत्ता की जांच कर स्थायी समाधान l