नरही में 100 साल से अधिक पुराने जर्जर भवन बने खतरा, बारिश के बाद बढ़ी हादसे की आशंका

लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र स्थित नरही मोहल्ले के रामतीर्थ में लाला हुलासी ट्रस्ट के स्वामित्व वाले पुराने जर्जर भवनों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। बताया गया है कि भवन संख्या 41/320, 559, 560, 561, 562, 563 और 633 काफी पुराने हैं और वर्तमान में उनकी हालत बेहद खराब है। बारिश के बाद इन भवनों के कुछ हिस्सों से निर्माण सामग्री गिरने की आशंका के चलते आसपास के लोगों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन भवनों की दीवारों में जगह-जगह बड़ी दरारें हैं। छतों और बीम में लगी पुरानी लकड़ी कमजोर हो चुकी है तथा प्लास्टर और अन्य निर्माण सामग्री भी झड़ रही है। बरसात के दौरान भवनों की स्थिति और खराब होने की बात कही जा रही है। बताया गया कि जर्जर भवनों के आसपास कुछ लोग रह भी रहे हैं, जिससे हादसे की स्थिति में जनहानि का खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों की ओर से भवनों की स्थिति को लेकर शिकायतें किए जाने का दावा किया गया है। लाला हुलासी ट्रस्ट की मुख्य ट्रस्टी श्रीमती शर्मा देवी की ओर से भी प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। मांग की गई है कि सभी भवनों का तकनीकी एवं संरचनात्मक निरीक्षण कराया जाए और जांच में असुरक्षित पाए जाने वाले भवनों को नियमानुसार खतरनाक घोषित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही भवनों के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने, सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की गई है। यदि भवनों की मरम्मत संभव हो तो विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर सुदृढ़ीकरण कराया जाए और यदि भवन अत्यंत असुरक्षित हों तो नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मामला केवल संपत्ति का नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।