लेखपालों का तहसील सदर परिसर में धरना, लंबित मांगों को लेकर बुलंद

लेखपालों का तहसील सदर परिसर में धरना, लंबित मांगों को लेकर बुलंद की आवाज जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद और तहसील अध्यक्ष अनिल राय के नेतृत्व में प्रदर्शन, 2800 ग्रेड पे से स्थानांतरण और पदोन्नति तक की मांगें उठीं बढ़ते कार्यभार के बीच वर्षों से लंबित मांगों के समाधान की मांग, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गोरखपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील सदर शाखा के पदाधिकारियों और लेखपालों ने अपनी विभिन्न लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर तहसील सदर परिसर में संयुक्त रूप से धरना दिया। धरने का नेतृत्व लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद और तहसील सदर अध्यक्ष अनिल राय ने किया। इस दौरान लेखपालों ने शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण किए जाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। लेखपालों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी तहसील सदर को सौंपा। लेखपाल संघ का कहना है कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की आधारशिला हैं। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, किसान हित से जुड़े कार्यों, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था तथा अन्य शासकीय कार्यों का महत्वपूर्ण दायित्व लेखपालों पर है। लगातार कार्यों और जिम्मेदारियों में बढ़ोतरी के बावजूद लेखपालों की कई मांगें वर्षों से लंबित हैं। इससे संवर्ग में निराशा और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। धरने के दौरान सबसे प्रमुख मांग प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 यानी 2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति दूर करने की रही। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपाल संवर्ग की यह मांग करीब एक दशक से लंबित है। 19 अगस्त 2026 को जारी पत्र में लेखपाल संवर्ग के कार्यों एवं दायित्वों में लगातार वृद्धि तथा कार्यों की विशिष्ट प्रकृति और विविधता को देखते हुए प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने की संस्तुति की गई है। इसके बावजूद शासन स्तर पर अभी तक अपेक्षित निर्णय नहीं हुआ है। लेखपाल संघ ने अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की भी मांग की। संघ के अनुसार वर्ष 2019 में करीब 650 लेखपालों का गृह मंडल में स्थानांतरण किया गया था। इसके बाद 16 मई 2025 को राजस्व परिषद का पोर्टल खोलकर करीब 2669 लेखपालों से आवेदन लिए गए, लेकिन इन आवेदनों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। संघ का कहना है कि करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद या गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। ऐसे में ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलकर इच्छुक लेखपालों को गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर दिया जाए। चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ के अनुसार विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही 29 अप्रैल 2026 को पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई है। लेखपालों ने मांग की कि लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी कर पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए। संघ ने चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम और प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी की। संघ के अनुसार प्रशिक्षण परीक्षा 13 सितंबर 2025 को संपन्न हो चुकी है, लेकिन लंबे समय के बाद भी सभी जनपदों को परीक्षा परिणाम प्राप्त नहीं हो सके हैं। परिणाम और प्रमाणपत्र जारी होने के बाद नवनियुक्त लेखपालों के स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। धरने में भत्तों में बढ़ोतरी की मांग भी उठाई गई। संघ ने स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह करने, नियत यात्रा भत्ते के स्थान पर मोटरसाइकिल वाहन भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह करने तथा विशेष भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की। लेखपालों का कहना है कि महंगाई और क्षेत्रीय कार्यों में होने वाला खर्च लगातार बढ़ा है, जबकि भत्ते लंबे समय से अपरिवर्तित हैं। इसके साथ ही भूलेख कार्यालयों और विभिन्न पटलों पर संबद्ध लेखपालों को तत्काल अवमुक्त करने की मांग की गई। संघ का कहना है कि परिषद के आदेश के बावजूद कई स्थानों पर लेखपालों से पटल सहायक, पटल प्रभारी और प्रभारी राजस्व निरीक्षक का कार्य लिया जा रहा है। इससे लेखपालों के मूल राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं और उन पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। लेखपाल संघ ने ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद ही लेखपालों का रोस्टर लगाए जाने की मांग की। संघ के अनुसार अधिकांश ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए पृथक कक्ष, फर्नीचर, सुरक्षित अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, विद्युत, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में ग्राम सचिवालयों में नियमित बैठने की व्यवस्था करने से पहले आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद और तहसील सदर अध्यक्ष अनिल राय ने कहा कि लेखपाल अपने दायित्वों का लगातार निर्वहन कर रहे हैं। शासन की योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों को धरातल पर पहुंचाने में लेखपालों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से लंबित मांगों पर निर्णय नहीं होने से संवर्ग में असंतोष है। उन्होंने शासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। धरने में वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष छांगुर कुमार, उपमंत्री अखिलेश श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष दिलीप सिंह, ऑडिटर राम कुमार गुप्ता, रत्नेश सिंह सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।