हिंदी में विज्ञान लेखन को नई दिशा, ई-विज्ञानम जर्नल का ऑनलाइन पोर्टल हुआ सक्रिय
गोरखपुर, बांसगांव संदेश।मातृभाषा हिंदी में विज्ञान लेखन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में ई-विज्ञानम (E-Vigyanam) शोधपरक जर्नल की वेबसाइट 15 जनवरी 2026 से लेख जमा करने के लिए पूर्ण रूप से सक्रिय हो गई है। इससे देशभर के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं विषय विशेषज्ञों को हिंदी में विज्ञान आधारित मौलिक लेखन और प्रकाशन का एक विश्वसनीय डिजिटल मंच उपलब्ध हुआ है। मुख्य संपादक एवं मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान विभाग के आचार्य डॉ. सत्य पाल सिंह ने बताया कि ई-विज्ञानम का उद्देश्य हिंदी में विज्ञान लेखन को अकादमिक गुणवत्ता के साथ मुख्यधारा में स्थापित करना है। पत्रिका में वैज्ञानिक खोजों, महान वैज्ञानिकों के जीवन, पाठ्यक्रम आधारित लेख, पर्यावरण, नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी, विज्ञान गल्प एवं समसामयिक विषयों पर आलेख आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि लघु, सामान्य और आमंत्रित श्रेणियों में लेख स्वीकार किए जाएंगे। ज्ञान-विज्ञान के प्रसार हेतु मुक्ताज्ञानं नामक अलग वेबसाइट भी विकसित की गई है। ई-विज्ञानम की वेबसाइट https://e-vigyanam.muktagyanam.com/1 है।