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Gorakhpur२७ मिनट पहले

वाई मॉडल ओवर ब्रिज के समर्थन में चौरी चौरा के व्यापारियों ने बंद रखा दुकान

वाई मॉडल ओवर ब्रिज के समर्थन में चौरी चौरा के व्यापारियों ने बंद रखा दुकान

चौरी चौरा गोरखपुर। नगर पंचायत चौरी चौरा के भोंपा बाजार में स्थित 147B रेलवे क्रासिंग पऱ बनाये गए आधे अधूरे Y मॉडल ओवरब्रिज से आक्रोसित मुंडेरा बाजार के ब्यापारियों ने मंगलवार को ब्यापारी नेता भुवन पति निराला के नेतृत्व में अपनी अपनी दुकाने बंद कर शांति जुलुस निकाल कर बिरोध प्रदर्धन किया। और Y मॉडल ओवरब्रिज पूरा कराकर उद्घाटन करने की मांग किया। नगर पंचायत चौरी चौरा के सर्राफा संघ के पीयूष खेतान, रमेश जायसवाल, राजेश जायसवाल, ब्यापारी नेता भुवनपति निराला, सत्या नंद वर्मा, मोहित जायसवाल (सभासद ), योगेंद्र जायसवाल, अनिल जायसवाल, विनोद जायसवाल (पूर्व सभासद ), अमित वर्मा, संजय वर्मा,जयगोविन्द सूर्या, धरम वर्मा, चेयरमैन सन्नी जायसवाल राज कुमार जायसवाल, प्रतीक जायसवाल, टिल्लू लोहिया, राकेश जायसवाल, अनंत लाल जायसवाल और बि जायसवाल सहित अनेक ब्यापारियों ने कहा कि भोपा बाजार रेलवे क्रासिंग से जा रही सड़क मुंडेरा बाजार होते हुए भोपा बाजार से सोनबरसा बाजार को जोड़ने वाला मुख्य सम्पर्क मार्ग है। इसी रेलवे क्रासिंग से निकल कर मुंडेरा बाजार, सामुदाईक स्वास्थ्य केंद्र, सभी बिद्यालयों और सोनवरसा बाजार सहित ग्रामीण क्षेत्रो में आने जाने के लिए लोग इसी सड़क से आते जाते रहते हैँ। लगातार ट्रेनों के आवागमन के कारण इस रेलवे क्रॉसिंग पर कभी-कभी घंटे भर तक जाम लग जाता है। ब्यापारियों ने कहा कि अगर Y मॉडल ओवर ब्रिज नहीं बना तो मुंडेरा बाजार का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा। जाम से छुटकारा पाने के लिए यहां के ब्यापारियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ओवरब्रिज बनवाने का मांग किया था। जिसे मुख्यमंत्री महोदय ने शहीद स्मारक पर जाने के लिए और सोनबरसा बाजार को जोड़ने वाली सड़क को मिलाने के लिए ओवरब्रिज बनवाने कि स्वीकृति दे दी थी। लेकिन इस ओवरब्रिज को Y मॉडल बदल कर L मॉडल में बदल दिया गया है, जिससे रेलवे क्रॉसिंग संख्या 147B पर जाम की स्थिति हमेशा यथावत बनी रहेगी। और एंबुलेंस में मरीज और स्कूली छात्र तथा बाजार जाने वाले लोग हमेशा जाम में फंसे रहेंगे। व्यापारियों ने कहा कि इस Y मॉडल ओवर ब्रिज को तत्काल प्रभाव से बनवाया जाए। जिससे आम जनता को आने जाने कि सुबिधा प्रदान हो सके। और मुंडेरा बाजार का अस्तितव बच जाये।

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