बागवानी और सिंचाई योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के

बागवानी और सिंचाई योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश सीडीओ की अध्यक्षता में जिलास्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक, किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर गाजीपुर, 15 सितंबर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार को रायफल क्लब सभागार में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की वार्षिक कार्ययोजना को लेकर जिलास्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त लक्ष्यों, विगत वर्ष में पूर्ण कराए गए कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने विगत वर्ष में पूर्ण कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्राप्त लक्ष्यों की कार्ययोजना समिति के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत जनपद को नवीन उद्यान रोपण के लिए 48 हेक्टेयर, शाकभाजी क्षेत्र विस्तार के लिए 15 हेक्टेयर, पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए नौ हेक्टेयर तथा प्याज व लहसुन के मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 150 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।इसी योजना के तहत 100 बॉक्स मौनपालन, 2000 रनिंग मीटर घेराबंदी, 70 यूनिट इको लाइट ट्रैप तथा मचान कार्यक्रम के लिए 15 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत जनपद को 14 हेक्टेयर में फल क्षेत्र विस्तार, 60 हेक्टेयर शाकभाजी क्षेत्र विस्तार, प्याज के मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 20 हेक्टेयर, पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए 21 हेक्टेयर तथा मचान कार्यक्रम के लिए पांच हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। इसके अतिरिक्त 4000 रनिंग मीटर घेराबंदी, 150 बॉक्स मौनपालन, पांच एचडीपीई वर्मी बेड तथा पांच इको लाइट ट्रैप यूनिट का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।बताया गया कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर किया जाएगा। दोनों योजनाओं में किसी भी लाभार्थी की पुनरावृत्ति नहीं की जाएगी। औद्यानिक योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पीडीएमसी योजना से भी लाभान्वित किया जाएगा।मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का लाभ जनपद के अधिकतम चार विकासखंडों—मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, रेवतीपुर एवं सदर—में दिया जाएगा। शेष विकासखंडों में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना का लाभ किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 1763 हेक्टेयर का लक्ष्य प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई कार्यक्रम में 602 हेक्टेयर, मिनी स्प्रिंकलर में 192 हेक्टेयर, माइक्रो स्प्रिंकलर में 80 हेक्टेयर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर में 704 हेक्टेयर तथा रेनगन स्प्रिंकलर में 185 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस प्रकार सूक्ष्म सिंचाई से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के लिए कुल 1763 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त लक्ष्यों के सापेक्ष अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए। निदेशालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी अंगद प्रसाद सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य महेश सिंह, समिति के अन्य सदस्य तथा प्रगतिशील किसान अनूप राय, विजयानंद राय एवं वीरेंद्र कुमार राय उपस्थित रहे।