डीएम का बनकटा के पांच विद्यालयों पर औचक निरीक्षण, बीईओ को कारण

डीएम का बनकटा के पांच विद्यालयों पर औचक निरीक्षण, बीईओ को कारण बताओ नोटिस के निर्देश डिजिटल उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर, कम छात्र उपस्थिति पर जताई नाराजगी भाटपार रानी। बुधवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने विकासखंड बनकटा के पांच विद्यालयों और एक आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति, पर्यवेक्षण में शिथिलता और व्यवस्थागत कमियां मिलने पर उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बनकटा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र सोहनपुर, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) सोहनपुर, प्राथमिक विद्यालय इंगुरी बाजार, उच्च विद्यालय रामपुर बुजुर्ग तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापछापर, जंजीरहा का निरीक्षण किया। अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम पाई गई। इस पर उन्होंने संबंधित शिक्षकों और अधिकारियों को छात्र उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा प्रत्येक बच्चे की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और इसकी नियमित निगरानी की जाए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सोहनपुर में पंजीकृत 110 छात्राओं के सापेक्ष केवल 70 छात्राएं उपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा अभिभावकों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केजीबीवी की छात्राओं से पाठ्यपुस्तक पढ़वाई और उनसे विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक दक्षता का आकलन किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा कक्षाओं में नियमित और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने, शासन की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पीएम श्री एवं मॉडल विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों का नियमित अनुश्रवण, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और छात्र उपस्थिति में निरंतर सुधार आवश्यक है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण करने, कमियों को तत्काल दूर कराने तथा शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य के निरीक्षण में यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता मिली तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।