**कौड़ीराम में हाईवे से निकल जा रहीं रोडवेज बसें, महिलाओं को फ्री**
कौड़ीराम में हाईवे से निकल जा रहीं रोडवेज बसें, महिलाओं को फ्री यात्रा का लाभ कैसे मिलेगा? रक्षाबंधन पर सरकार ने दी मुफ्त सफर की सौगात, लेकिन बसों के कस्बे में न रुकने से उठे सवाल कौड़ीराम, गोरखपुर। रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को दी गई निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा को लेकर कौड़ीराम क्षेत्र में व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की कई रोडवेज बसें कौड़ीराम कस्बे के अंदर आने के बजाय हाईवे से ही निकल जा रही हैं। ऐसे में कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बसें निर्धारित स्थान पर रुकेंगी नहीं तो मुख्यमंत्री की ओर से घोषित मुफ्त यात्रा का लाभ आखिर कैसे मिलेगा? सरकार ने तीन दिन के लिए दी है मुफ्त यात्रा की सुविधा रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की है। 27 अगस्त की सुबह छह बजे से 29 अगस्त की रात 12 बजे तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाएं निःशुल्क यात्रा कर सकती हैं। खास बात यह है कि महिला यात्री के साथ एक सहयात्री को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। यात्रियों को जीरो मूल्य का टिकट जारी किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। सरकार की इस घोषणा का उद्देश्य रक्षाबंधन पर अपने मायके या भाई के घर जाने वाली महिलाओं को आर्थिक राहत देना और उनकी यात्रा को आसान बनाना है। कौड़ीराम में बसों के ठहराव को लेकर परेशानी कौड़ीराम क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कस्बे से होकर गुजरने वाले मार्ग पर रोडवेज बसों का ठहराव यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में महिलाएं कौड़ीराम पहुंचकर रोडवेज बसों से गोरखपुर, बांसगांव और अन्य स्थानों की ओर यात्रा करती हैं। लेकिन यदि बसें कस्बे के बस स्टॉप अथवा निर्धारित स्थान पर रुकने के बजाय हाईवे से सीधे निकल जाती हैं, तो महिलाओं को बस पकड़ने के लिए दूसरे स्थानों तक जाना पड़ता है। इससे बुजुर्ग महिलाओं, बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली यात्रियों को विशेष परेशानी हो सकती है। सवाल—फ्री यात्रा की घोषणा का वास्तविक लाभ कब मिलेगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने जब महिलाओं के लिए तीन दिनों तक मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई है तो परिवहन विभाग की जिम्मेदारी भी बनती है कि प्रमुख कस्बों और निर्धारित स्टॉपेज पर बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए। लोगों का कहना है कि सिर्फ मुफ्त यात्रा की घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं को बस उपलब्ध कराना और उन्हें सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाना भी जरूरी है। त्योहार के समय बढ़ जाती है यात्रियों की संख्या रक्षाबंधन के दौरान बसों में सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों के घर जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में कौड़ीराम जैसे प्रमुख कस्बे में बसों के ठहराव और पर्याप्त बसों की उपलब्धता बेहद जरूरी हो जाती है। स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि कौड़ीराम में रोडवेज बसों के संचालन और ठहराव की स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा लेने के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भटकना पड़े। अधिकारियों से व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग लोगों ने मांग की है कि कौड़ीराम में रोडवेज बसों के निर्धारित ठहराव को प्रभावी बनाया जाए और हाईवे से निकलने वाली बसों पर भी निगरानी रखी जाए, ताकि सरकार की योजना का लाभ वास्तव में पात्र यात्रियों तक पहुंच सके। अब बड़ा सवाल यही है कि जब सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध करा दी है, तो कौड़ीराम में बसों के ठहराव की व्यवस्था कब सुनिश्चित होगी?