केजीएमयू में साहित्य, संस्कृति और चिकित्सा का संगम, डॉ. सुरेश चन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’ व प्रो. यशवंत वीरोदय सम्मानित

लखनऊ बांसगांव संदेश। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के मेडिसीन विभाग में आयोजित सम्मान समारोह में शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के योगदान को लेकर सार्थक विमर्श हुआ। इस अवसर पर नॉर्वे से आए वरिष्ठ पत्रकार, सांस्कृतिक कार्यकर्ता एवं भारतीय-नॉर्वेजीयन सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के अध्यक्ष डॉ. सुरेश चन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’ तथा डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत वीरोदय को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेडिसीन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र आतम ने की, जबकि संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार ने किया। डॉ. शरद आलोक ने अपने संबोधन में कहा कि यूरोप के कई देशों में भारतीय संस्कृति, योग, अध्यात्म और हिंदी साहित्य के प्रति गहरी रुचि बढ़ रही है और साहित्य के माध्यम से देशों के बीच संवाद मजबूत होता है। प्रो. यशवंत वीरोदय ने कहा कि शिक्षा और साहित्य समाज को वैचारिक दिशा देते हैं और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में वैश्विक दृष्टि विकसित करते हैं। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. वीरेंद्र आतम ने चिकित्सा को समाज के नैतिक और सांस्कृतिक विकास से जोड़ते हुए ऐसे आयोजनों को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में डॉ. हरीश गुप्ता, डॉ. रोशन, डॉ. प्रांजल, डॉ. भावना लालवानी, डॉ. आशुतोष सहित शिक्षक, चिकित्सक व बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।