लेखपालों ने लंबित मांगों को लेकर सरकार को सौंपा ज्ञापन, 5 अगस्त

लेखपालों ने लंबित मांगों को लेकर सरकार को सौंपा ज्ञापन, 5 अगस्त से कार्य बहिष्कार की चेतावनी। मदरिया । ----------------------- उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी विभिन्न लंबित एवं न्यायोचित मांगों के निराकरण की मांग को लेकर गोला के उपजिलाधिकारी मनीष कुमार के माध्यम से राजस्व परिषद अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 5 अगस्त तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश भर के लेखपाल चरणबद्ध आंदोलन करते हुए अतिरिक्त कार्यों का बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के लेखपाल लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन एवं भत्तों की विसंगतियों तथा अन्य प्रशासनिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी वर्षों पुरानी मांगों का समाधान नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। संघ ने प्रमुख मांगों में अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने, इच्छुक लेखपालों को गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर देने, चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने तथा चयन वर्ष 2024 के नव नियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र घोषित करने की मांग की है। इसके अलावा स्टेशनरी, वाहन एवं विशेष भत्ते में वृद्धि, भूलेख कार्यालयों व अन्य सहायक पटलों से संबद्ध लेखपालों को कार्यमुक्त करने तथा ग्राम सचिवालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना रोस्टर ड्यूटी लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है। संघ का कहना है कि एक-एक लेखपाल कई गांवों का कार्यभार संभाल रहा है, जिससे राजस्व एवं जनसेवा संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ ने कहा कि यदि निर्धारित समय तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो सभी लेखपाल केवल अपने मूल हल्के में कार्य करेंगे, अतिरिक्त हल्कों, ऑनलाइन कार्यों एवं अन्य अतिरिक्त दायित्वों का बहिष्कार करेंगे। इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रशासनिक असुविधा की जिम्मेदारी शासन एवं राजस्व परिषद की होगी। इस दौरान लेखपाल संघ गोला के तहसील अध्यक्ष अजय पाठक के नेतृत्व में सुरेंद्र पटेल, वीरेंद्र कुमार, पृथ्वीनाथ, महेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे।