फर्जी रिपोर्ट मामले में लेखपाल विपिन कुमार यादव निलंबित आईजीआरएस शिकायत की
फर्जी रिपोर्ट मामले में लेखपाल विपिन कुमार यादव निलंबित आईजीआरएस शिकायत की जांच में आरोप सही मिलने पर एसडीएम जयसिंहपुर ने की कार्रवाई, विभागीय जांच भी जारी।* सुलतानपुर। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर कथित रूप से गलत एवं भ्रामक रिपोर्ट लगाने के मामले में जयसिंहपुर तहसील में तैनात लेखपाल विपिन कुमार यादव के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। उपमुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप और जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद उपजिलाधिकारी जयसिंहपुर ने लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम उघरपुर निवासी सुरेश कुमार दुबे ने तहसीलदार जयसिंहपुर को प्रार्थना पत्र देकर गाटा संख्या 627 रकबा 0.037, गाटा संख्या 932, 934 तथा गाटा संख्या 926 से संबंधित भूमि विवाद में पैमाइश और जांच की मांग की थी। मामले की जांच हल्का लेखपाल विपिन कुमार यादव को सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि लेखपाल ने वास्तविक प्रकरण की जांच और पैमाइश किए बिना दूसरे गांव और दूसरे व्यक्ति से संबंधित गाटा संख्या 226 (खलिहान) की रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि शिकायत सुरेश कुमार दुबे पुत्र स्वर्गीय रामसुंदर दुबे, निवासी उघरपुर द्वारा दी गई थी, लेकिन रिपोर्ट में सुरेश कुमार दुबे पुत्र स्वर्गीय कृष्ण कुमार दुबे, निवासी अन्नपूर्णानगर का उल्लेख कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने इसे मनगढ़ंत और झूठी रिपोर्ट बताते हुए उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। मामला मुख्यमंत्री पोर्टल आईजीआरएस पर पहुंचने के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत उपमुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि लेखपाल द्वारा तथ्यों के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी जयसिंहपुर ने लेखपाल विपिन कुमार यादव को निलंबित कर दिया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले में विभागीय जांच भी जारी रहेगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल के निलंबन की कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने से आम जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।