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minhaj ali siddiquial
Gorakhpur११ दिन पहले

कब्रों की जियारत का मुख्य उद्देश्य मौत और आखिरत को याद करना‌ : हाफिज रहमत

कब्रों की जियारत का मुख्य उद्देश्य मौत और आखिरत को याद करना‌ : हाफिज रहमत

कब्रों की जियारत का मुख्य उद्देश्य मौत और आखिरत को याद करना‌ : हाफिज रहमत इस्लामी अकीदे की विशेष कार्यशाला का अंतिम सप्ताह गोरखपुर। सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार, जामिया अल इस्लाह एकेडमी नौरंगाबाद गोरखनाथ व मदरसा रजा-ए-मुस्तफा तुर्कमानपुर में पांच सप्ताह तक चलने वाली इस्लामी अकीदे की विशेष कार्यशाला के अंतिम सप्ताह में कब्रों की जियारत के बारे में विस्तार से बताया गया। कुरआन-ए-पाक, हदीस-ए-पाक बयान हुई। अध्यक्षता मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन ने की। मुख्य वक्ता हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने स्वयं अपनी वालिदा और साथियों की कब्रों की जियारत की है। कब्रों की जियारत एक महत्वपूर्ण सुन्नत है, जिसका मुख्य उद्देश्य मौत और आखिरत को याद करना और मृत व्यक्ति के लिए दुआ करना है। पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने शुरुआत में मना करने के बाद, बाद में कब्रों पर जाने की अनुमति दी क्योंकि कब्रों की जियारत से रूहानी नसीहत मिलती है। कब्रों की जियारत लोगों को आने वाली दुनिया (मृत्यु के बाद की जिंदगी) की याद दिलाती है। इससे मृत्यु के भय और जीवन की वास्तविकता को समझने में मदद मिलती है। हमें अल्लाह से मृत व्यक्ति के लिए दुआ करनी चाहिए और उनके लिए क्षमा मांगनी चाहिए। कब्रों के ऊपर बैठना, उन्हें फांदना या उन पर चलना सख्त मना है। कब्रों की जियारत इंसान को मौत की असलियत और दुनिया की नश्वरता का एहसास कराती है। कब्रों की जियारत मृतकों के लिए दुआ-ए-मगफिरत (क्षमा की प्रार्थना) करना उनके लिए राहत का कारण बनती है। बुजुर्गो की मजारों व कब्रों से रूहानी फैजान मिलता है और उनके वसीले से दुआ कुबूल होती है। अंत में दुरूद ओ सलाम पढ़कर अवाम की खिदमत करने, आपसी प्रेम, भाईचारे दुआ मांगी गई। कार्यशाला में मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ महमूद, नेहाल अहमद, शहबाज सिद्दीकी, हाजी फैज खान, महबूब अहमद, मुहम्मद शुएब, अली अफसर, शहनवाज अहमद, शीरीन आसिफ, शीरीन सिराज, अफसाना, नौशीन फातिमा, यासमीन, आयशा, फरहत, नाजिया, तानिया अख्तर, अख्तरून निसा, रूमी, शीरीन बानो, समीना बानो, शबाना, सिदरा सहित तमाम लोग मौजूद रहे। _________

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