*पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों का 'कफन ओढ़' प्रदर्शन,
*पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों का 'कफन ओढ़' प्रदर्शन, सरकार को दी चेतावनी* गोरखपुर। राजकर्मचारी संघ परिषद ने पुरानी पेंशन बहाली, आठवें वेतन आयोग के शीघ्र गठन, न्यूनतम वेतन 69 हजार रुपये किए जाने तथा विभिन्न भत्तों के वेतन में मर्जर समेत कई मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से प्रदर्शन और आंदोलन के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।राजकर्मचारी संघ परिषद के पदाधिकारी राम नारायण शुक्ल ने कहा कि कर्मचारी समाज लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर रामलीला मैदान तक कई बड़े प्रदर्शन और जनसभाएं आयोजित की गईं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया।उन्होंने कहा कि कर्मचारी आज "कफन ओढ़कर" आंदोलन करने को मजबूर हैं, क्योंकि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आर्थिक असुरक्षा के साथ जीवन बिताने के लिए छोड़ दिया जाता है। उनका कहना था कि नौकरी के दौरान 28 हजार से लेकर 1.90 लाख रुपये तक वेतन पाने वाला कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद नई पेंशन व्यवस्था में मात्र कुछ हजार रुपये की पेंशन पर निर्भर हो जाता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण, इलाज और अन्य आवश्यक खर्च पूरे करना संभव नहीं है।राम नारायण शुक्ल ने बताया कि इसी के विरोध में गोरखपुर में संगठन के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव कफन ओढ़कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार को यह संदेश देने के लिए है कि 40 वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पुरानी पेंशन व्यवस्था संविधान की भावना के अनुरूप रही है तथा इस संबंध में उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा भी कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां और निर्णय दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद सरकार पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए तैयार नहीं है। राजकर्मचारी संघ परिषद ने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, आठवें वेतन आयोग का शीघ्र गठन करने और कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी जारी रही तो इसका असर आगामी चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।