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Sant Kabir Nagar७ दिन पहले

“ लगातार पांचवीं साला सर्दी में जरूरतमंदों की ढाल बने विधानसभा अध्यक्ष

“ लगातार पांचवीं साला सर्दी में जरूरतमंदों की ढाल बने विधानसभा अध्यक्ष

“ लगातार पांचवीं साला सर्दी में जरूरतमंदों की ढाल बने विधानसभा अध्यक्ष प्रभुनाथ यादव, कंबलों से ओढ़ाई इंसानियत की गर्माहट” बांसगांव संदेश धनघटा (संत कबीर नगर)। रविवार का दिन ओबा माई के स्थान पर सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समाजवादी सोच का जीवंत उत्सव बन गया। समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष प्रभुनाथ यादव द्वारा आयोजित पाँचवें वार्षिक कंबल वितरण कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि अगर राजनीति का रास्ता सेवा से होकर गुजरे, तो वह समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकती है। कड़ाके की ठंड में ठिठुरते जरूरतमंदों के लिए प्रभुनाथ यादव एक बार फिर ‘अनाथों के नाथ’ बनकर सामने आए और हर चेहरे पर राहत की मुस्कान बिखेर दी कार्यक्रम में सैकड़ों गरीब, बेसहारा, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोग शामिल हुए। जैसे ही कंबल उनके हाथों में पहुंचे, ठंड से कांपते चेहरों पर सुकून साफ दिखाई देने लगा। खास बात यह रही कि प्रभुनाथ यादव खुद आगे बढ़कर लोगों को कंबल ओढ़ाते नजर आए। यह दृश्य केवल मदद का नहीं, बल्कि अपनत्व, मानवीयता और आत्मीयता का प्रतीक बन गया। लोगों ने उन्हें दुआओं और आशीर्वाद से नवाजते हुए कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि ही असली मायनों में जनता के नेता होते हैं। अपने संबोधन में प्रभुनाथ यादव ने कहा कि समाजवादी विचारधारा की आत्मा ही अंतिम व्यक्ति की चिंता में बसती है। जब तक समाज का अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति सुरक्षित और सम्मान के साथ जीवन नहीं जी पाएगा, तब तक राजनीति का उद्देश्य अधूरा रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कंबल वितरण कोई दिखावा नहीं, बल्कि यह उनकी निरंतर चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे वे हर साल निभाते रहेंगे।कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन सूबेदार यादव उर्फ ‘माझा एक्सप्रेस’ ने किया। उनकी सधी हुई, ओजस्वी और अनुशासित मंच संचालन शैली ने पूरे आयोजन को एक विशेष गरिमा प्रदान की। उन्होंने हर वक्ता और अतिथि को सम्मान के साथ मंच पर आमंत्रित कर कार्यक्रम को भावनात्मक ऊंचाई तक पहुंचाया इस अवसर पर लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी देखने को मिली। वीरेंद्र यादव द्वारा प्रस्तुत बिरहा ने माहौल को भावुक कर दिया। समाज, संघर्ष, पीड़ा और उम्मीद की गूंज से भरे उनके गीतों ने ठंडे मौसम में दिलों को गर्म कर दिया। कई श्रोताओं की आंखें नम हो गईं, तो तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकार का उत्साह भी चरम पर पहुंच गया।स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रभुनाथ यादव के इस प्रयास की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि आज के दौर में जब राजनीति अक्सर आरोप-प्रत्यारोप और स्वार्थ तक सीमित नजर आती है, ऐसे समय में प्रभुनाथ यादव जैसे नेता उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं। लगातार पाँच वर्षों से कंबल वितरण कर उन्होंने यह संदेश दे दिया है कि सेवा कोई एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि साधना और संकल्प है।कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी रही। महिलाओं ने इसे गरीबों के लिए “ईश्वर का प्रसाद” बताया, वहीं बुजुर्गों ने प्रभुनाथ यादव के दीर्घायु होने की कामना की। युवाओं ने उनसे प्रेरणा लेकर समाज सेवा से जुड़ने का संकल्प दोहराया प्रिंट मीडिया की दृष्टि से यह आयोजन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि इसने राजनीति के मानवीय चेहरे को मजबूती से सामने रखा। यह कार्यक्रम बताता है कि पद और सत्ता से ऊपर इंसानियत का धर्म होता है। प्रभुनाथ यादव का यह प्रयास न सिर्फ ठंड से बचाव का जरिया बना, बल्कि समाज में भाईचारे, संवेदना और भरोसे को भी मजबूत करता नजर आया कुल मिलाकर, ओबा माई के स्थान पर आयोजित यह कंबल वितरण कार्यक्रम सेवा, संस्कृति और संवेदना का संगमबन गया। प्रभुनाथ यादव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जो नेता जमीन से जुड़े रहते हैं, वही दिलों पर राज करते हैं। ठंड में ओढ़ाया गया यह कंबल सिर्फ शरीर को नहीं, बल्कि दिलों को भी गर्म कर गया—और यही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता रही।इस मौके पर धनंजय यादव, केसी यादव, प्रवीनंद यादव, नन्हें यादव राहुल गोंड समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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