52 दिनों तक चला भोजपाल महोत्सव मेला रंग-बिरंगे गुब्बारे व भोजपुरी नाइट के साथ भव्य समापन

भोपाल। राजा भोज की नगरी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में 52 दिनों तक चलने वाले भोजपाल महोत्सव मेला 2026 का रविवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन आयोजित भोजपुरी नाइट में लोकप्रिय कलाकार गोलू राजा ने सुमधुर भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति दी। समापन अवसर पर रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर मेले का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष मेला रिकॉर्ड तोड़ लोकप्रियता हासिल करने में सफल रहा। भोपाल सहित सीहोर, रायसेन, विदिशा और मंडीदीप जैसे पड़ोसी जिलों से 52 दिनों में कुल 22 लाख से अधिक लोग परिवार सहित मेले का आनंद लेने पहुंचे। समापन दिन अकेले डेढ़ लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। *भोजपुरी नाइट में सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतिय* भोजपुरी संगीत के दिग्गज और 'शेरे बिहारे' फेम गोलू राजा ने भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति दी। उनके मधुर गीतों और सांगीतिक प्रस्तुति ने समापन संध्या को यादगार बना दिया। *रंग-बिरंगे गुब्बारे के साथ समापन* मुख्य अतिथि एवं मेला संरक्षक सांसद आलोक शर्मा ने रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर मेले का समापन किया। उन्होंने अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम और पूरी मेला टीम की सराहना की। सांसद शर्मा ने पुलिस प्रशासन, नगर निगम, सफाईकर्मी, फायर ब्रिगेड, बेंडर्स, दुकानदार और मीडियाकर्मियों को भी सम्मानित किया। शहरवासियों और व्यापारियों का सहयोग मेला अध्यक्ष सुनील यादव ने शहरवासियों और आसपास के जिलों के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सफलता में जनता का भरपूर सहयोग और आशीर्वाद रहा। मेला में करीब 400 स्टाल लगाए गए, जिनसे लोग खरीदारी और मनोरंजन का आनंद उठा सके। महामंत्री हरीश कुमार राम ने व्यापारियों, झूला और सर्कस संचालकों का भी आभार माना। *सफल संचालन के पीछे की मेहनत* मेला के सफल संचालन में मेला टीम के सदस्यों ने दिन-रात मेहनत की। प्रमुख जिम्मेदारों में अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, विनय सिंह, महेंद्र नामदेव, केश कुमार शाह, अखिलेश नागर, मो. जाहिद खान, सुनील शाह, मधु भवनानी, चंदन वर्मा, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, मो. रेहान खान, दीपक बैरागी, देवेन्द्र चौकसे, सुनील वैष्णव, गौरव जैन, संदीप सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। भोजपाल महोत्सव मेला 2026 ने न केवल मनोरंजन और खरीदारी का अवसर प्रदान किया, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव और भाईचारे का एक नया इतिहास रचते हुए भोपाल शहर के लिए यादगार आयोजन के रूप में अपनी छवि बनाई।