हरे पेड़ों पर चल रहा इलेक्ट्रॉनिक आरा, जिम्मेदार मौन

हरे पेड़ों पर चल रहा इलेक्ट्रॉनिक आरा, जिम्मेदार मौन धरती की कोख खाली करने में जूटे हरियाली के दुश्मन! भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जनपद का वन विभाग, जाते-जाते वन दरोगा अनूप सिंह, परवेज के दोनों लड़कों को फरीदपुर ठेकेदार को कर गए मालामाल! असोथर पुलिस एवं वन विभाग की संरक्षण में होता है हरे पेड़ों का खेल-सूत्र! थाना पुलिस एवं वन विभाग की चुप्पी बने हरे पेड़ों के विनाश का काल, आखिर किसके अधिकार एवं किसके सहारे है लकड़ी माफिया का बोल बाला! उत्तर प्रदेश की सरकार पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ का नारा लगा रही है, वही फतेहपुर जनपद में इन दिनों हरे भरे उजाड़े जाते हैं हरे वृक्ष! फतेहपुर। जनपद में इन दिनों हरे पेड़ों की कटान सातवें आसमान पर है, जनपद के ही सदर तहसील क्षेत्र में वन क्षेत्राधिकार के बिना अनुमति से नीम, आम, महुआ, गूलर, की कटान जोरो में है। सेमरी गांव में दिन-दहाड़े हरे महुआ के पेड़ों की कटान का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। असोथर थाने के इसके पहले रसूलपुर वैसापुर में नहर किनारे 05 नीम के पेड़ धराशाही कर दिए गए, शिकायत पर टीम द्वारा दो पेड़ का जुर्माना कर तीन नीम पेड़ों का ठेकेदार को जीवन दान मिला! ज़ब मामले की पड़ताल की गई तो पेड़ों की कटान करने वाले ने बताया की हमने थरियांव थाना क्षेत्र ,असोथर थाना क्षेत्र , किशनपुर थाना क्षेत्र पेड़ों को काटने का ठेका ले लिया है, तो ऐसे में आखिर सवाल यह खड़ा हो रहा है की इन दिनों क्षेत्र में लकड़ी कटान जोरो में है और इस दौरान नीम,आम, महुआ के पेड़ों की कटान भी जोरो में चल रही है इसे क्या कहा या क्या समझा जाये.....! बताते चलें कि थाना असोथर क्षेत्र में सेमरी गांव में 06 हरे महुआ के पेड़ धराशाही कर दिए गए और एक आम का सूखा पेड़ का परमिशन करा कर महुआ के पेड़ों का बंध कर दिया गया। बड़ा सवाल---- जानकारों के मुताबिक या यूँ कहें कि उत्तर प्रदेश वन अधिनियम एक्ट के तहत विषम परिस्थितियों में ही प्रतिबंधित हरे पेड़ों की कटान की जा सकती है लेकिन इतनी भारी मात्रा में पेड़ों को नहीं काटा जा सकता है। जैसे- पेड़ स्वामी अपनी निजी बीमारी व बेटी की शादी या आमजनमानस को हानि एवं अन्य विषम परिस्थितियों में ही एक दो पेड़ों को काटने की परमिशन दी जाती थी।