फागुन की आमलकी एकादशी पर सहजनवां में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भव्य श्री श्याम बाबा की निशान यात्रा से गूंजा नगर

सहजनवां गोरखपुर । फागुन मास की पावन आमलकी एकादशी के शुभ अवसर पर श्री श्याम परिवार ट्रस्ट (रजि.) सहजनवां एवं श्री समय माता/श्याम मंदिर के तत्वाधान में गुरुवार को श्री श्याम बाबा की भव्य निशान यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। “हारे के सहारे, बाबा श्याम हमारे” के गगनभेदी जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। निशान यात्रा का शुभारंभ श्री काली मंदिर, स्टेशन रोड सहजनवां से हुआ, जहां नितिन अग्रवाल (शनिचर बाजार) द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन कर बाबा श्याम की पावन ज्योत प्रज्वलित की गई। ज्योत प्रज्वलन के साथ ही सैकड़ों श्रद्धालु हाथों में निशान ध्वज लेकर भक्ति रस में डूब गए और यात्रा में शामिल हो गए। महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी पूरे उत्साह के साथ कदम से कदम मिलाते नजर आए। यह भव्य यात्रा स्टेशन रोड से प्रारंभ होकर सहजनवां मार्केट के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई श्री श्याम मंदिर बेलहर पहुंची, जहां विधिवत आरती, पुष्प वर्षा और जयकारों के बीच यात्रा का समापन हुआ। पूरे मार्ग में भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत मधुर कीर्तन और बाबा श्याम के भजनों पर श्रद्धालु झूमते-गाते आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं एवं व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। निशान यात्रा में नगर के गणमान्य नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। व्यापार मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष संजू सिंह, पूर्व नगर पंचायत प्रतिनिधि नागेंद्र सिंह, सभासद मनोज जायसवाल, महावीर अग्रवाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल उर्फ गुड्डू, मनोज भारतीया, विनय मटनिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप गुप्ता, संजय सिंह, विनय श्रीवास्तव, संतोष गुप्ता (आरामशीन), उमंग सुरेखा, शुभम अग्रवाल, आकाश मर्दा, आदित्य सुरेखा सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर के पुजारी श्री जय शंकर मिश्रा ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। आयोजकों ने बताया कि फागुन मास में बाबा श्याम की आराधना का विशेष महत्व होता है। आमलकी एकादशी पर निशान यात्रा निकालने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें नगर के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करना और समाज में आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करना है। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था की समुचित तैयारी की गई थी। अंत में मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण किया गया, जहां बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह भव्य निशान यात्रा एक बार फिर सहजनवां की अटूट आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव की सजीव मिसाल बनकर उभरी।