जिलाधिकारी ने की जिला पोषण समिति की समीक्षा। डीएम ने सीडीपीओ भाटपाररानी

जिलाधिकारी ने की जिला पोषण समिति की समीक्षा। डीएम ने सीडीपीओ भाटपाररानी को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा रामपुर कारखाना एवं रुद्रपुर के सीडीपीओ का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश। रामपुर कारखाना एवं रुद्रपुर के सुपरवाइजरो की कार्य शिथिलता पाये जाने पर वेतन रोके जाने के भी दिए निर्देश। सभी सुपरवाइजरो, सीडीपीओ को डीएम ने किया आगाह, कार्य प्रणाली में सुधार लाये जाने के लिये किया सचेत। अगली बैठक में सबसे कम प्रगति वाले सुपरवाइजरो को प्रतिकूल प्रविष्टि दिये जाने हेतु किया सचेत। देवरिया, 01 अक्टूबर। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में पोषण समिति बैठक के दौरान बाल विकास की संचालित विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों की प्रगति समीक्षा की। इस दौरान सीडीपीओ भाटपाररानी की शिथिलता पाये जाने पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दिये जाने का निर्देश दिया। वही सीडीपीओ रुद्रपुर एवं भाटपाररानी को अपने अधीनस्थ सुपरवाइजरो का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने सीडीपीओ रामपुर कारखाना का भी एक दिन का वेतन रोके जाने का निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को देते हुए कहा है कि अगली बैठक में पोषण कार्य की विभिन्न गतिविधियों में सबसे कम प्रगति पाये जाने वाले 05 सुपरवाइजरो को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही सहित कडी कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजरो को सचेत करते हुए कहा है कि वे अपने कार्य प्रणाली में सुधार लाये। किसी प्रकार की कोई लापरवाही, बहानेबाजी न अपनाये, अन्यथा ऐसे कर्मियों को चिन्हित करते हुए अनुशासनात्मक कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जिलाधिकारी ने इस दौरान कार्यक्रम विभाग से जुडे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि आंगनबाड़ी केन्द्र समय खुले बच्चे आये सभी गतिविधियां पूर्ण रुप से संचालित हो। सैम/मैम बच्चो का चिन्हीकरण, गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण, उनकी जॉच, होम विजिट प्रभावी रुप से सुनिश्चित हो, इस पर प्राथमिकता से कार्य करते हुए प्रगति में सुधार लायेंगे। उन्होने यह भी कहा कि ई कवच एवं पोषण ट्रैकर के आकडों में समरुपता होनी चाहिये। सभी सुपरवाइजर डेथ आडिट रिपोर्ट भी देखेगें और आई कमियों को दूर करने के लिये जागरुकता लाये जाने का कार्य सुनिश्चित करेगें। साथ हीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ, आशा, आंगनवाडी से सुपरवाइजर समन्वय रखते हुए गतिविधियों को और प्रभावी रुप देगें। गर्भवती महिलाओं की जांच आयोजित वीएचएसएनडी सेशन में की जाये तथा उन्हें फोलिक एसिड भी खिलायें। सभी का प्रयास हो कि जनपद में मातृ एवं शिशु मृत्यु न हो इसके लिए पूरी तन्मयता, सजगता एवं तत्परता से कार्य करें और जो भी इसके लिये आवश्यक एहतियाती गतिविधियाँ हो उसे अमल में लाते हुए बाल विकास की योजनाओं को पारदर्शिता के साथ जमीनी स्तर पर लाते हुए उसे क्रियान्वित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने वीएचएसएनडी सत्र में बच्चों आदि के वजन टीकाकरण आदि कार्य को तत्परता से किये जाने का निर्देश उन्होने दिया है। जिलाधिकारी ने सुपरवाइजरो को यह भी आगाह करते हुए कहा है कि वास्तविक रुप से हीं अपना लोकेशन डाले, भ्रामक व गलत लोकेशन डालने वालो पर भी कडी कार्यवाही की जायेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस के सिन्हा, कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय, जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी, समस्त सीडीपीओ, सुपरवाइजर, खंड विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।