‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर गूंजा राष्ट्रगीत लुचुई विद्यालय

‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर गूंजा राष्ट्रगीत लुचुई विद्यालय समेत क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में हुआ सामूहिक गायन, विद्यार्थियों और समाज के लोगों ने लिया हिस्सा सहजनवां, गोरखपुर। 25 सितंबर। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को द्रौपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लुचुई के सौजन्य से विद्यालय परिसर में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों, आचार्य-आचार्याओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता करते हुए राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 को ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है। देशभर में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। � Ministry of Culture +1 कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजसेवी ईश्वर चंद्र सिंह, गोरखपुर रहे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी सुधीर कुमार शुक्ल ने की। कार्यक्रम का संयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र ने किया। मुख्य वक्ता ईश्वर चंद्र सिंह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत है, जिसने लंबे समय तक देशवासियों में मातृभूमि के प्रति समर्पण और एकता की भावना को अभिव्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इसकी 150वीं वर्षगांठ नई पीढ़ी को इसके इतिहास और राष्ट्रीय महत्व से परिचित कराने का अवसर है। इन विद्यालयों में भी हुआ सामूहिक गायन कार्यक्रम को क्षेत्र के अन्य विद्यालयों तक भी विस्तार दिया गया। विकास एकेडमी, घघसरा, पाली; ग्लोबल सन एकेडमी, अरीला पार, सहजनवां तथा श्रीकृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर, लुचुई में भी ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन आयोजित किया गया। इन विद्यालयों को कार्यक्रम से जोड़ने और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से आयोजन को विस्तार देने में अनिल कुमार मिश्री, श्याम सुंदर त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, शैलेंद्र कुमार गुप्त, राम शब्द यादव, रोहित कुमार शर्मा, कु. शिवांगी मिश्रा एवं पवन कुमार शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक विनोद कुमार अग्रवाल, आचार्य-आचार्याएं, विद्यार्थी और समाज के अनेक लोग मौजूद रहे। सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसर राष्ट्रभाव से गूंज उठा। अंत में प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र ने सहयोगी विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों, आचार्य-आचार्याओं, भैया-बहनों और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं। ‘एक स्वर, एक लय और एक राष्ट्रभाव’ के संदेश के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।