गोरखपुर के महुराई में ब्लॉक प्रमुख शिवाजी चन्द पर फर्जी बैनामा कर भूमि कब्जाने का आरोप, पीड़ित शिवदयाल गुप्ता ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

गोरखपुर जिले के हाटा बाज़ार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महुराई में भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम बरपरवा बाबू, थाना बेलघाट निवासी एवं श्री साई कृपा कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड, महुराई के निदेशक शिवदयाल गुप्ता ने आरोप लगाया है कि गगहा के ब्लॉक प्रमुख शिवाजी चन्द ने फर्जी बैनामा कराकर उनकी पैतृक एवं खरीदी गई भूमि पर दबंगई के बल पर कब्जा कर रखा है। शिवदयाल गुप्ता के अनुसार, 27 सितंबर 1990 को उन्होंने बांसगांव तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा महुराई स्थित आराजी संख्या 821 (रकबा 68 डिसमिल) एवं आराजी संख्या 762 मि. भूमि का विधिवत बैनामा कराया था। नामांतरण के बाद राजस्व अभिलेखों में उनका नाम दर्ज हुआ और भूमि पर चाहरदीवारी व गेट लगाकर उन्हें कब्जा भी प्राप्त हो गया। आरोप है कि वर्ष 2004 में उसी भूमि के अंश पर फर्जी बैनामा कराकर नामांतरण करा लिया गया, जबकि उस समय मूल विक्रेता का नाम अभिलेखों में दर्ज नहीं था। इसके बाद वर्ष 2014 में पूरे रकबे का पुनः बैनामा कराकर नाम दर्ज कराया गया। पीड़ित का कहना है कि वह और उनका परिवार वर्षों से मुंबई में रहकर मेहनत-मजदूरी करता रहा। वर्ष 2025 में जब उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी हुई, तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। प्रारंभिक स्तर पर राहत न मिलने के बाद उपजिलाधिकारी बांसगांव ने 14 अगस्त 2025 को उनके पक्ष में आदेश देते हुए पुनः सुनवाई का निर्देश दिया। इसके खिलाफ दायर निगरानी को गोरखपुर मंडलायुक्त ने 12 नवंबर 2025 को निरस्त कर दिया। अंततः 30/31 दिसंबर 2025 को तहसीलदार बांसगांव ने वर्ष 2004 और 2014 के नामांतरण आदेश निरस्त करते हुए राजस्व अभिलेखों से विपक्षी का नाम हटा दिया। शिवदयाल गुप्ता का आरोप है कि न्यायिक आदेशों के बावजूद ब्लॉक प्रमुख शिवाजी चन्द द्वारा भूमि पर जबरन कब्जा बनाए रखा गया है। उनके गेट का ताला तोड़कर दूसरा ताला लगा दिया गया और समझौते के लिए दबाव व धमकियां दी जा रही हैं। साथ ही यह भी आरोप है कि भूमि के एक हिस्से का मुआवजा सड़क परियोजना के तहत कथित रूप से प्राप्त कर लिया गया है, जिसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई है। पीड़ित ने कहा कि एक शांतिप्रिय व्यापारी होने के बावजूद उन्हें अपनी ही जमीन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। न्यायालयों से आदेश मिलने के बाद भी उन्हें कब्जा नहीं मिल पा रहा। आरोप है कि जब भी वह अपनी भूमि पर जाते हैं, तो रसूखदार लोग स्थानीय पुलिस को गुमराह कर उन्हें प्रताड़ित करते हैं और एकपक्षीय कार्रवाई कर चालान कर दिया जाता है। शिवदयाल गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि वैध आदेशों का पालन कराते हुए अवैध कब्जा हटवाया जाए, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। यह मामला केवल एक व्यक्ति की भूमि का नहीं, बल्कि कानून के सम्मान और आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।