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Rajkumar Raj
Gorakhpur१ मिनट पहले

गोरखपुर जिले के 243 हलकों में लेखपालों का काम पूरी तरह ठप

गोरखपुर जिले के 243 हलकों में लेखपालों का काम पूरी तरह ठप

गोरखपुर जिले के 243 हलकों में लेखपालों का काम पूरी तरह ठप सदर में 25, खजनी व गोला में 51-51 सहित सभी 7 तहसीलों में अतिरिक्त हल्कों का कार्य ठप जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद बोले "मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन, 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी" ,‌‌राजकुमार गौड़, गोरखपुर । उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर अपनी लंबित और न्यायोचित मांगों को लेकर चल रहा लेखपालों का चरणबद्ध आंदोलन अब जिले में व्यापक रूप ले चुका है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के गोरखपुर जिला अध्यक्ष जगदीश प्रसाद ने बताया कि जिले की सभी सातों तहसीलों में अतिरिक्त लेखपाल हल्कों का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में राजस्व और आम जनमानस से जुड़ी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। जिले भर की 7 तहसीलों में 243 हल्कों के बस्ते जमा जिला अध्यक्ष जगदीश प्रसाद के अनुसार, प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार विगत 22 सितंबर 2026 को ही लेखपालों ने अपने मूल हल्कों के अलावा आवंटित अतिरिक्त क्षेत्रों (हल्कों) के बस्ते संबंधित तहसील कार्यालयों में जमा करा दिए हैं। जिले भर की तहसीलों में बस्ते जमा सदर तहसील: 25 हल्के सहजनवा तहसील: 21 हल्के खजनी तहसील: 51 हल्के बांसगांव तहसील: 43 हल्के गोला तहसील: 51 हल्के कैंपियरगंज तहसील: 33 हल्के चौरी चौरा तहसील: 19 हल्के जनपद के कुल 243 लेखपाल क्षेत्रों में कामकाज पूरी तरह बंद हो चुका है। बस्ते जमा होने से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वरासत, किसान सम्मान निधि, किसान रजिस्ट्री, हैसियत प्रमाण पत्र, जमानत तस्दीक, धारा 80 (व्यावसायिक कन्वर्जन), धारा 98 व भूमि पैमाइश से जुड़े हजारों मामले लटक गए हैं। जिला अध्यक्ष ने बताया कि शासन और राजस्व परिषद स्तर पर वार्ता और आश्वासनों के बावजूद अब तक शासनादेश जारी नहीं किए गए हैं। इसके विरोध में संघ का आंदोलन अब नए चरण में प्रवेश कर रहा है। लेखपाल संघ की प्रमुख मांगें वेतनमान व ग्रेड पे सुधार की मांग विगत 10 वर्षों से लंबित मांग के तहत प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे ₹2800) लागू किया जाए और एसीपी विसंगति दूर हो। अन्तरमण्डलीय स्थानांतरण की मांग पिछले 8 वर्षों से लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया को बहाल करते हुए 400 से 800 किमी दूर तैनात लगभग 2700 लेखपालों को उनके गृह मंडल में स्थानांतरित किया जाए। पदोन्नति सूची जारी करने की मांग चयन वर्ष 2025-26 की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) होने के बावजूद रुकी सूची अविलंब निर्गत हो। प्रशिक्षण परिणाम व स्थायीकरण की मांग चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा के परिणाम व प्रमाण पत्र जारी कर उनका स्थायीकरण कराया जाए। भत्तों में वृद्धि की मांग स्टेशनरी भत्ता ₹100 से बढ़ाकर ₹500, वाहन/मोटरसाइकिल भत्ता ₹1500 और विशेष भत्ता ₹1000 प्रतिमाह करने की स्वीकृत पत्रावलियों का शासनादेश जारी हो। पटलों से अवमुक्ति की मांग शासनादेश के विपरीत भूलेख कार्यालयों व पटलों पर संबद्ध लेखपालों को मूल कार्य हेतु कार्यमुक्त किया जाए। तकनीकी पद घोषित करने की मांग ऑनलाइन व ई-गवर्नेंस के भारी कार्यों को देखते हुए लेखपाल पद को 'तकनीकी पद' घोषित कर लैपटॉप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएं। सचिवालय रोस्टर का विरोध बिना न्यूनतम सुविधाओं (कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, सुरक्षा) के ग्राम सचिवालयों में लेखपालों का रोस्टर लगाना बंद किया जाए। जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की रीढ़ हैं। यदि शासन ने समय रहते उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन के चलते आम जनता को होने वाली परेशानियों और राजस्व क्षति की पूरी जिम्मेदारी शासन व राजस्व परिषद की होगी।

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