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रिपोर्टर राहुल कुमार सिंह
Sultanpurलगभग १ घंटा पहले

अवधी कलाकार सम्मान समारोह में लोक संस्कृति की दिखी झलक, कलाकारों को

अवधी कलाकार सम्मान समारोह में लोक संस्कृति की दिखी झलक, कलाकारों को किया गया सम्मानित 30 अक्टूबर से सात नवंबर तक होगा श्रीराम कथा का आयोजन, राजन जी महाराज करेंगे कथा वाचन बल्दीराय/सुलतानपुर अवधी भाषा, लोककला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रविवार को अवधी कलाकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। बहुरावां बाजार के संझौवा स्थित अमृत गार्डन, ग्रामसभा सिधानी में आयोजित समारोह में अवधी भाषा और लोकसंस्कृति से जुड़े कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकारों की मौजूदगी रही। कलाकारों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान किया गया। समारोह में पीके अवधी कॉमेडी, जौनपुर के शरद यादव, गायक विवेक पांडेय, अनुराग पंडित और प्रतापगढ़ के अखिलेश कॉमेडी समेत विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने सहभागिता की। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अवधी भाषा की मिठास, हास्य-व्यंग्य और लोकसंस्कृति की झलक पेश की। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय और क्षेत्रीय कलाकारों को पहचान दिलाने के साथ अवधी भाषा के प्रति लोगों का जुड़ाव बढ़ाना रहा। कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष सुलतानपुर ऊषा शिव कुमार सिंह की ओर से किया गया। आयोजकों का मानना है कि अवधी भाषा केवल बोलचाल का माध्यम नहीं, बल्कि अवध क्षेत्र की परंपराओं, लोकजीवन और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और नई पीढ़ी भी अपनी भाषा तथा सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने के लिए प्रेरित होती है। *30 अक्टूबर से सात नवंबर तक होगी श्रीराम कथा* अवधी कलाकार सम्मान समारोह के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन की भी तैयारी है। आगामी 30 अक्टूबर से सात नवंबर 2026 तक श्रीराम कथा का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें कथा वाचक पूज्य श्री राजन जी महाराज श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान कराएंगे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का माहौल बनने की उम्मीद है। आयोजकों का उद्देश्य कला, साहित्य, लोकभाषा और धार्मिक परंपराओं को एक मंच पर प्रोत्साहित करना है, ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर नई पहचान मिल सके। अवधी कलाकार सम्मान समारोह इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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