गणित के जादूगर स्वर्गीय हौशिला पाण्डेय की स्मृति में जुटे पूर्व विद्यार्थी

ढेबरा। गणित विषय को सरल, सहज और रोचक ढंग से पढ़ाने वाले तथा विद्यार्थियों के बीच ‘गणित के जादूगर’ के नाम से लोकप्रिय रहे स्वर्गीय श्री हौशिला पाण्डेय की स्मृति में उनके पूर्व विद्यार्थियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में उनके पढ़ाए हुए अनेक विद्यार्थी शामिल हुए, जो आज समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी और प्रतिष्ठित जगहों पर कार्य कर रहे हैं। स्वर्गीय हौशिला पाण्डेय केवल एक कुशल शिक्षक ही नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति दूरदृष्टि रखने वाले शिक्षाविद् एवं संस्थापक भी थे। उन्होंने स्वयं आदर्श बाल शिक्षा निकेतन, प्रयाग नगर, बनकटी खुर्द की स्थापना की थी। अपने समय में यह विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत और एक मिसाल के रूप में जाना जाता था। सीमित संसाधनों के उस दौर में उन्होंने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का जो सपना देखा और उसे विद्यालय की स्थापना के रूप में साकार किया, वह उनके दूरदर्शी व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से बच्चों के भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण कार्य किया। बैठक में उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों ने अपने गुरु को याद करते हुए कहा कि हौशिला पाण्डेय जी ने उन्हें केवल गणित के सवाल हल करना नहीं सिखाया, बल्कि अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास, ईमानदारी और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। उनके पढ़ाए हुए विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं, जो उनके शिक्षक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। पूर्व छात्रों ने उनके पढ़ाने के अनूठे अंदाज और सरल व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि गणित जैसे कठिन विषय को भी वे इतने सहज तरीके से समझाते थे कि विद्यार्थियों के लिए वह रुचिकर बन जाता था। यही कारण था कि विद्यार्थी उन्हें सम्मान और स्नेह से ‘गणित का जादूगर’ कहा करते थे। बैठक में पूर्व विद्यार्थियों ने स्वर्गीय हौशिला पाण्डेय के शिक्षा क्षेत्र में किए गए योगदान को नमन किया और उनके द्वारा स्थापित आदर्श बाल शिक्षा निकेतन की गौरवशाली परंपरा एवं शिक्षा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।