मनरेगा बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन

मनरेगा बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन का धरना-प्रदर्शन जखनिया, गाजीपुर। उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के बैनर तले मनरेगा बहाली, श्रम कानून लागू करने एवं ग्रामीण मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जखनिया क्षेत्र के कई ग्राम पंचायत सचिवालयों पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया। यूनियन कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति भारत सरकार एवं जिलाधिकारी गाजीपुर को संबोधित पांच सूत्रीय एवं नौ सूत्रीय ज्ञापन ग्राम सचिवों के माध्यम से प्रेषित किया।धरना-प्रदर्शन झोटना, मीरपुर, गौरा, नामजद लालापुर, सराय गोकुल, बुजुर्गा, अंगूरपुर, आगापुर, डोरा, पलिवार, तुरना, सहेचना, बड़हरा, अतिगावा, जाही, रायपुर, गजाधरपुर, नादेपुर और आडिला सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर, महिलाएं एवं यूनियन कार्यकर्ता मौजूद रहे।यूनियन की प्रमुख मांगों में ग्राम जी योजना कानून समाप्त कर मनरेगा को बहाल करना, चारों लेबर कोड खत्म कर पुराने श्रम कानून लागू करना, मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान, बुजुर्ग, विकलांग एवं मनरेगा श्रमिकों को ₹10 हजार मासिक पेंशन, सभी ग्रामीण मजदूरों को मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा तथा पक्का आवास उपलब्ध कराना शामिल रहा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनियन नेता विजय बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण मजदूर और किसान महंगाई एवं बेरोजगारी के बोझ तले दब रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर कर पूंजीपतियों और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धर्म और जाति की राजनीति करती है, लेकिन महंगाई, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसे मूल मुद्दों पर ध्यान नहीं देती।वहीं यूनियन के जिला मंत्री विरेन्द्र कुमार गौतम ने कहा कि मनरेगा के ठप होने से ग्रामीण मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि चार लेबर कोड लागू होने से महानगरों में कम वेतन पर मजदूरों का शोषण हो रहा है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में आवास, शौचालय, पेंशन और मनरेगा योजनाओं में भ्रष्टाचार एवं लूट के आरोप भी लगाए।यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि गांवों में भूमिहीन दलित, बनवासी, राजभर एवं अल्पसंख्यक समुदाय आज भी जमीन के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि भू-माफिया सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं। राशन वितरण व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कोटेदारों पर धांधली और पात्र लोगों के राशन कार्ड काटने का आरोप लगाया गया।कार्यक्रम में कामरेड रामअवध राम, संतोष राम, श्यामू राम, राजनाथ राम, उमाशंकर प्रजापति, घुरन बनवासी, उर्मिला शर्मा, रीता देवी, सुकम देवी, संजय विश्वकर्मा, बिंदु, वंदना, शशिकला, लक्ष्मण, कैलाश, श्रीराम, अनीता, रेखा, लालसा, राजेश, टेट्रा, गीता, अनिल, मुन्ना, पप्पू बनवासी, रविंद्र कुमार, श्याम बिहारी, अर्जुन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा बहाल नहीं की गई और ग्रामीण योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।