माता-पिता और गुरु की सेवा से ही प्राप्त होता है यश और सम्मान : पं. लखनलाल जी महाराज माता-पिता साक्षात ईश्वर, उनकी सेवा से बढ़ती है आयु : कथा व्यास

बिवांर (हमीरपुर)। थाना क्षेत्र के ग्राम छानी खुर्द स्थित संकट मोचन तपोभूमि में आयोजित ग्यारह कुंडीय श्री गायत्री महायज्ञ के 41वें वार्षिक समारोह के अंतर्गत चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुप्रसिद्ध कथा व्यास पं. लखनलाल जी महाराज ने श्रद्धालु जनसमूह को संबोधित करते हुए माता-पिता एवं गुरु की महिमा का भावपूर्ण और प्रेरक वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता और गुरु की सच्चे मन से सेवा और सम्मान करता है, उसे जीवन में यश, कीर्ति और समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। शास्त्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा भाव से व्यक्ति को दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। महाराज जी ने बताया कि माता हमें संस्कार देती है और पिता जीवन की दिशा तय करते हैं, इसलिए माता-पिता ही हमारे प्रथम गुरु होते हैं। उन्होंने कहा कि धरती पर माता-पिता ही साक्षात ईश्वर का स्वरूप हैं, उनकी उपेक्षा कर ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि यदि व्यक्ति पूरे श्रद्धा भाव से माता-पिता की सेवा करता है, तो उसके जीवन में कभी भी शांति, सुख और साधनों का अभाव नहीं रहता। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। अंत में श्री संकट मोचन कल्याण समिति द्वारा विधिवत आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया।