आकांक्षात्मक विकास खंडों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर,अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

आकांक्षात्मक विकास खंडों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण। देवरिया 13 अक्टूबर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देशन में जनपद के चयनित 5 आकांक्षात्मक विकास खंडों के प्रथम चरण के तीन विकास खंडों का बरहज, बनकटा और भागलपुर का प्रशिक्षण कार्यक्रम आज संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नीति आयोग से आई स्वाति श्रीवास्तव ने नामित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। सभी विकास खंडों के नामित अधिकारियों की अलग-अलग टीमें बनाकर निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण की बारीकियों से अवगत कराया गया। साथ ही अधिकारियों से कार्यप्रणाली में व्यवहार परिवर्तन लाने की अपेक्षा की गई। उन्हें निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यवहार परिवर्तन को प्राथमिकता देते हुए सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का उपयोग अपने कार्यक्षेत्र में करते हुए योजनाओं की प्रगति में सुधार लाएं तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप लक्ष्यों को प्राप्त करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि निपुण, टीकाकरण, वीएचएसएनडी सत्र, खाद्य सुरक्षा, गन्ना भुगतान, क्रय केंद्र सहित अन्य आवश्यक बिंदुओं की गहन जानकारी प्राप्त करें तथा अपने-अपने नामित क्षेत्रों में जाकर उनका सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन व्यवहार परिवर्तन से ही संभव है। इसलिए प्रशिक्षण में बताई जा रही बारीकियों को पूरी गंभीरता से सीखें और अपने क्षेत्र में जमीनी स्तर पर लागू करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बरहज, बनकटा और भागलपुर के नामित अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने भी तीनों विकास खंडों के अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान बताए गए सभी बिंदुओं एवं जानकारियों को पूरी तन्मयता से आत्मसात कर कार्यक्षेत्र में अमल में लाने के निर्देश दिए। नीति आयोग से आई स्वाति श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक बिंदु की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में तीनों विकास खंडों के नामित अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें अलग-अलग टीमें बनाकर प्रत्येक बिंदु के संबंध में विस्तारपूर्वक प्रशिक्षित किया गया।