रेणुकूट में मजदूर नेता स्व. शिव प्रताप सिंह की स्मृति में उमड़ेगा जनाक्रोश

रेणुकूट में मजदूर नेता स्व. शिव प्रताप सिंह की स्मृति में उमड़ेगा जनाक्रोश हत्यारों को सजा दिलाने के लिए निकाला जाएगा विशाल कैंडल मार्च रेणुकूट (सोनभद्र) | औद्योगिक नगरी रेणुकूट और संपूर्ण पूर्वांचल क्षेत्र में श्रमिकों, शोषितों व वंचितों की मुखर आवाज रहे जनप्रिय मजदूर नेता स्वर्गीय शिव प्रताप सिंह की पावन स्मृति में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा एवं जनाक्रोश प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। सत्य, निष्ठा और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करते हुए अपने प्राण गंवाने वाले इस क्रांतिकारी नेता की निर्मम हत्या के बाद से पूरे अंचल में गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। घटना को लंबा समय बीत जाने के बाद भी मुख्य दोषियों को सख्त सजा न मिलने के कारण स्थानीय जनता, श्रमिक वर्ग और युवाओं का धैर्य अब जवाब दे चुका है। स्व. सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने और प्रशासनिक शिथिलता के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए रेणुकूट की मुख्य सड़कों पर हजारों की संख्या में लोग उतरेंगे। हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां और न्याय की मांग करती तख्तियां लिए इस विशाल कैंडल मार्च में मजदूर, महिलाएं, युवा और गणमान्य नागरिक बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए जाने वाले इस प्रदर्शन के माध्यम से आक्रोशित जनता और विभिन्न मजदूर संगठन शासन-प्रशासन के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखेंगे। जननेता के हत्यारों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द फांसी या कठोरतम उम्रकैद की सजा दी जाए। जब तक सभी दोषियों को उनके अंजाम तक नहीं पहुंचाया जाता और पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक रेणुकूट का मजदूर वर्ग चैन से नहीं बैठेगा। कैंडल मार्च के समापन पर आयोजित होने वाली जनसभा में स्थानीय निवासी और विभिन्न श्रमिक यूनियनें सर्वसम्मति से निर्णय लेंगे कि आने वाली 30 सितंबर को न्याय की मांग को लेकर एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जन-प्रदर्शन किया जाएगा। मजदूर नेताओं का दावा है कि यह आंदोलन पूर्वांचल के इतिहास में किसी भी राजनीतिक दल, विधायक या सांसद की चुनावी रैली से भी विशाल होगा और भीड़ के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगा।कार्यक्रम के दौरान वक्ता स्व. शिव प्रताप सिंह के अभूतपूर्व योगदान और जनसेवा को याद कर उन्हें नमन करेंगे वे बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात हर निर्धन, असहाय और पीड़ित व्यक्ति की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के शोषण के खिलाफ उन्होंने कई ऐतिहासिक भूख हड़तालें कीं और मजदूरों को उनका वाजिब हक व अधिकार दिलाया। क्षेत्रवासियों के अनुसार, उनके द्वार से कभी कोई असहाय व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटा। अपने इसी त्याग, समर्पण और परोपकारी स्वभाव के कारण वे आज भी क्षेत्रवासियों के दिलों में 'मसीहा' के रूप में अमर हैं। सड़कों पर उमड़ने वाले इस भारी जनाक्रोश के जरिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया जाएगा। पूछ रहा है भारत, कब मिलेगा इंसाफ के गगनभेदी नारों के साथ मजदूर संगठन और नागरिक मंच चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जल्द से जल्द निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो यह आंदोलन सोनभद्र और रेणुकूट की सीमाओं को लांघकर प्रांतीय और राष्ट्रीय रूप धारण कर लेगा। इस जन-आंदोलन की गूंज लखनऊ विधानसभा से लेकर देश की संसद तक सुनाई देगी।