*12 जुलाई के महाअभियान की तैयारियों पर डीएम की समीक्षा बैठक* *47.82
*12 जुलाई के महाअभियान की तैयारियों पर डीएम की समीक्षा बैठक* *47.82 लाख पौधरोपण लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश, ‘कपि वन’, ‘शक्ति वन’ व ‘एकता वन’ पर जोर* गोरखपुर। आगामी 12 जुलाई को प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण महाअभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विकास भवन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद में निर्धारित 47 लाख 82 हजार 763 पौधों के रोपण लक्ष्य को हर हाल में शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित न रहे, बल्कि इसे जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि लगाए गए पौधों का संरक्षण, सिंचाई और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि पौधों की जीवित रहने की दर अधिकतम हो। बैठक में बताया गया कि जनपद में इस बार ‘कपि वन’, ‘शक्ति वन’ और ‘एकता वन’ जैसे थीम आधारित हरित क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक संदेश भी देंगे। जिलाधिकारी ने इन स्थलों का चयन वैज्ञानिक तरीके से करने और गुणवत्तापूर्ण पौधों का रोपण सुनिश्चित करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने विभागवार लक्ष्य की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि वन विभाग के साथ-साथ अन्य 26 विभागों को भी उनके निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पौधरोपण करना होगा। सभी विभागों को गड्ढा खुदाई, पौधों की उपलब्धता, रोपण स्थल की तैयारी और जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग कर उसकी फोटो ‘हरितिमा ऐप’ पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे न केवल अभियान की निगरानी आसान होगी, बल्कि जिम्मेदारी भी तय होगी। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, नगर निकायों और स्वयंसेवी संगठनों को इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह अभियान जन-जन की भागीदारी से सफल बने और गोरखपुर को हरित व पर्यावरणीय रूप से संतुलित बनाने में अहम भूमिका निभाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, प्रभागीय वन अधिकारी शुभम सिंह, एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, परियोजना निदेशक संदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।