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Lucknowलगभग १ घंटा पहले

​नगर निगम कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी नाली की जमीन पर कब्जा

​नगर निगम कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी नाली की जमीन पर कब्जा

​नगर निगम कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी नाली की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास, ग्रामीणों का भारी हंगामा ​गोरखपुर | 15 मई, 2026 ​गोरखपुर के मोहल्ला गोपालपुर (थाना रामगढ़ताल) में सरकारी संपत्ति को लेकर एक गंभीर विवाद गहरा गया है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम के राजस्व कर्मचारियों और भू-माफियाओं के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। ​क्या है पूरा मामला? ​शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आराजी संख्या 0-26 (रकबा 20 हेक्टेयर) सरकारी अभिलेखों में 'नाली' के रूप में दर्ज है, जिसका उपयोग ग्रामीण वर्षों से रास्ते के रूप में करते आ रहे हैं। आरोप है कि योगेश कुमार सिंह नामक व्यक्ति ने नगर निगम के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर इस सरकारी जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए फर्जी सीमांकन (Demarcation) की रिपोर्ट तैयार करवा ली। ​गुंडागर्दी और मारपीट के आरोप ​ग्रामीणों का दावा है कि 2 मई 2026 को नगर निगम की टीम और योगेश कुमार सिंह ने अवैध रिपोर्ट के आधार पर मौके पर पहुँचकर निर्माणाधीन सड़क और नाली का कार्य रुकवा दिया। विरोध करने पर वहाँ मौजूद महिलाओं के साथ मारपीट भी की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ​मुख्य आरोप: ​फर्जी रिपोर्ट: ग्रामीणों ने एकतरफा रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से मना किया, तो आराजी संख्या 27 के काश्तकारों से सांठगांठ कर गलत सीमांकन को सही ठहराने की कोशिश की गई। ​अधिकारियों का दबाव: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जूनियर इंजीनियर अवनीश कुमार भारती द्वारा बार-बार दीवार तोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है ताकि सरकारी नाली पर अवैध कब्जा सुगम हो सके। ​सरकारी संपत्ति का नुकसान: दीवार तोड़े जाने से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान होगा, बल्कि सार्वजनिक रास्ता भी अवरुद्ध हो जाएगा। ​ग्रामीणों की माँग ​आज उदयभान निषाद, विक्रम, आरती, गीता और अन्य ग्रामीणों ने हस्ताक्षरित पत्र जारी कर प्रशासन से माँग की है कि: ​मौके पर यथास्थिति (Status Quo) कायम रखी जाए। ​निष्पक्ष तरीके से पुनः सीमांकन कराया जाए। ​सरकारी जमीन को निजी कब्जे से बचाकर जनहित में रास्ते का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। ​स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और सरकारी नाली को बचाया नहीं गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ​

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