शामली में अंकित बालियान हत्याकांड पर DGP राजीव कृष्णा की प्रेस कॉन्फ्रेंस

शामली में अंकित बालियान हत्याकांड पर DGP राजीव कृष्णा की प्रेस कॉन्फ्रेंस - 50-50 हजार के इनामी 2 शूटर एनकाउंटर में ढेर, गोगी गैंग का कनेक्शन *लखनऊ।* शामली में अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा खुलासा किया। DGP ने बताया कि हत्याकांड में शामिल 2 कुख्यात शूटर पुलिस और STF के साथ मुठभेड़ में मारे गए हैं। *क्या बोले DGP -* - अंकित बालियान की हत्या 4 हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी कर की थी। इस केस में शामिल अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। - वारदात के खुलासे के लिए 11 पुलिस टीमों को लगाया गया था। छापेमारी यूपी और हरियाणा में की गई। - जांच में शार्प शूटरों की पहचान, साक्ष्य, ठहरने की जगह और भुगतान के सबूत मिले। आरोपी लंबे समय से अंकित की रेकी कर रहे थे, यह अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। - आज जब पुलिस ने घेराबंदी की तो अपराधियों ने STF पर फायरिंग कर दी, जिसमें 2 सिपाही घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में मोहित और सुमित नाम के दोनों बदमाशों को गोली लगी, इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। - मौके से 2 पिस्टल और अन्य सामान बरामद हुआ है। *गोगी गैंग से जुड़ा है पूरा नेटवर्क -* DGP ने बताया कि पूरा गैंग गोगी गैंग से जुड़ा पाया गया है। एक गाना यूट्यूब पर पॉपुलर हुआ था, जिसमें आरोपियों ने गोगी गैंग को जोड़ कर देखा, ऐसा लग रहा है वही गाना हत्याकांड की मेन वजह है। यह सुपारी लेकर अंजाम दिया गया कांड था। मोहित पर हरियाणा में 14 मुकदमे दर्ज हैं, सुमित पर भी कई केस हैं। गैंग की कमान अब दूसरे लोग संभाल रहे हैं, कनाडा में बैठे शाहपुरिया का नाम भी सामने आया है। *DGP की सख्त चेतावनी -* DGP ने कहा कि 2 और शूटर फरार हैं, उनकी तलाश जारी है। असलहा उपलब्ध कराने वालों और साजिश में शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई होगी। यूपी के बाहर साजिश रचने वाले भ्रम न पालें। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में शामिल STF व अन्य टीम को 2 लाख रुपये का इनाम दिया गया है। हरियाणा और दिल्ली पुलिस का भी सहयोग मिला। DGP ने दो टूक कहा - "यूपी को किसी गैंग की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा। अपराधी सोचते हैं कि अपराध कर छुप जाएंगे, ऐसा बिल्कुल नहीं है। विदेश और जेल में बैठकर साजिश रचने वालों पर भी कार्रवाई होगी।" उन्होंने कहा कि यूपी में संगठित अपराध को जड़ से उखाड़ा गया है, पिछले ढाई साल में ढाई लाख लोगों को सजा दिलाई गई है, सैकड़ों को आजीवन कारावास और कई को फांसी की सजा हुई है।