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Gazipur२५ मिनट पहले

गिले-शिकवे भुलाकर फिर एक-दूजे के हुए तीन दंपती परिवार परामर्श केंद्र ने

गिले-शिकवे भुलाकर फिर एक-दूजे के हुए तीन दंपती परिवार परामर्श केंद्र ने

गिले-शिकवे भुलाकर फिर एक-दूजे के हुए तीन दंपती परिवार परामर्श केंद्र ने मध्यस्थता से सुलझाए वैवाहिक विवाद, 32 प्रकरणों की हुई सुनवाई गाजीपुर। बांस गांव संदेश। पति-पत्नी के बीच आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे तीन परिवारों को महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र की पहल से फिर से एक साथ रहने का अवसर मिला। केंद्र के सदस्यों ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाइश और मध्यस्थता के माध्यम से विवाद का समाधान कराया। इसके बाद तीनों दंपतियों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर राजी-खुशी साथ रहने की सहमति जताई और उनकी सकुशल विदाई कराई गई।पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में रविवार को महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के विवाद से संबंधित 32 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें काफी समय से विवादित चल रहे तीन मामलों में दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराकर बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से समझौता कराया गया।इसके अलावा छह प्रकरणों में स्थिति सामान्य होने पर पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि नौ प्रकरणों में विधिक सुझाव देने के बाद पत्रावली का निस्तारण किया गया। वहीं छह प्रकरणों में दोनों पक्षों के उपस्थित नहीं होने के कारण पत्रावली बंद कर दी गई। शेष मामलों में अभी मध्यस्थता पूरी नहीं हो सकी, जिसके लिए अगली तिथि निर्धारित की गई है।परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल से विवाद के कारण अलग रह रहे दंपतियों को परिवार बचाने और आपसी संबंधों को सुधारने का अवसर मिला। केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों पक्षों की समस्याओं को सुनते हुए संवाद और समझौते के माध्यम से समाधान का प्रयास किया।प्रकरणों के निस्तारण में काउंसलर विक्रमादित्य मिश्रा, वीरेंद्र नाथ राम, कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सोनाली, सविता, संध्या, अभिलाषा तथा आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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