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Deoriaलगभग १ घंटा पहले

बैतालपुर में नवनियुक्त प्राविधिक सहायकों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू।

बैतालपुर में नवनियुक्त प्राविधिक सहायकों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू।

बैतालपुर में नवनियुक्त प्राविधिक सहायकों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू। प्रमुख सचिव कृषि ने नवनियुक्त प्राविधिक सहायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को किया संबोधित। कृषि विभाग के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं प्राविधिक सहायक, किसानों की आय बढ़ाने में निभाएं अहम भूमिका-डीएम.। देवरिया 17 अक्टूबर। कृषि प्रशिक्षण केंद्र, बैतालपुर, देवरिया में नवनियुक्त प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी के 10 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एमकेएस सुंदरम ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। इस दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, संयुक्त कृषि निदेशक, गोरखपुर मंडल विनोद कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य राजकीय कृषि विद्यालय, चरगांवा डॉ. रामतेज यादव, उप कृषि निदेशक गोरखपुर डॉ. धनंजय सिंह एवं जिला कृषि अधिकारी देवरिया उदय शंकर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी कृषि विभाग के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इनकी भूमिका विभागीय तकनीकी ज्ञान एवं शासन की योजनाओं को सीधे किसानों तक पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जनपद के कृषि संबंधी आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां बड़ी संख्या में लघु एवं सीमांत किसान हैं, जिनके पास कृषि भूमि का रकबा काफी कम है और आजीविका का प्रमुख साधन कृषि ही है। ऐसे में किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्हें वर्षभर आय के साधन उपलब्ध कराने में प्राविधिक सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम) को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके अंतर्गत खेती के साथ मुर्गी पालन, बत्तख पालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, हल्दी की खेती एवं मशरूम उत्पादन जैसी गतिविधियों को अपनाकर किसान वर्षभर आय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपेक्षा की कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी ज्ञान का उपयोग किसानों की समस्याओं के समाधान तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में करें। संयुक्त कृषि निदेशक, गोरखपुर मंडल विनोद कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग में केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी वाली लगभग 30 योजनाएं संचालित हैं। इनमें कुछ योजनाओं के अंतर्गत किसानों को शत-प्रतिशत अनुदान, जबकि अन्य योजनाओं में 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाता है। उन्होंने प्रतिभागियों से योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उन्हें पात्र किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। राजकीय कृषि विद्यालय, चरगांवा के प्रधानाचार्य डॉ. रामतेज यादव ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुभवी वक्ताओं के माध्यम से निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं तकनीकी जानकारी को अपने व्यावहारिक कार्यों में अपनाकर किसानों के बीच सहजता से उनकी समस्याओं का समाधान करना ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एमकेएस सुंदरम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए देश में खाद्यान्न उत्पादन की प्रगति एवं कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1950 में देश का खाद्यान्न उत्पादन लगभग 50 मिलियन टन था, जो वर्तमान में बढ़कर लगभग 375 मिलियन टन हो गया है। आगामी दो वर्षों में देश का खाद्यान्न उत्पादन लगभग 400 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने वैश्विक खाद्यान्न उत्पादन में चीन, अमेरिका एवं भारत की स्थिति का उल्लेख करते हुए कृषि क्षेत्र में देश की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत दुग्ध उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है तथा विगत वर्षों में तिलहन उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में यह प्रगति किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि अनुसंधान संस्थानों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। कृषि अनुसंधान एवं नवीन तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप कृषि तकनीकों को अपनाने तथा किसानों को आधुनिक एवं उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह ने प्रमुख सचिव कृषि सहित उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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