आउटसोर्स कर्मियों को अब मिलेगा सम्मान और सेवा सुरक्षा, पांच तारीख तक

आउटसोर्स कर्मियों को अब मिलेगा सम्मान और सेवा सुरक्षा, पांच तारीख तक खाते में पहुंचेगा मानदेय मुख्यमंत्री योगी ने लोक भवन से आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो, वेबसाइट व पोर्टल का किया अनावरण; गाजीपुर में सजीव प्रसारण, सफाई कर्मियों को सुरक्षा किट व बीओसीडब्ल्यू लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित गाजीपुर, 02 सितंबर। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, मानदेय और सेवा संबंधी व्यवस्थाओं को पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन, लखनऊ से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण किया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विकास भवन सभागार, गाजीपुर में जनपद स्तरीय कार्यक्रम के रूप में किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न विभागों में कार्यरत बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी एवं अधिकारी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आउटसोर्स कर्मियों के बढ़े हुए मानदेय की घोषणा करते हुए निगम की गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया अब ऑनलाइन एवं पारदर्शी होगी। चयन योग्यता और मेरिट के आधार पर तथा प्रदेश सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप किया जाएगा। भर्ती से लेकर पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल प्रबंधन एवं निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी सर्विस डिटेल, बैंक खाता, उपस्थिति, भुगतान और वेतन से होने वाली कटौती आदि की जानकारी देख सकेंगे। इसी पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी अपनी शिकायत या ग्रीवांस दर्ज करने के साथ उसकी स्थिति भी देख सकेंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों के समाधान की व्यवस्था की जाएगी।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खाते में माह की पांच तारीख तक भेजा जाएगा। ईपीएफ और ईएसआई का योगदान भी नियमित रूप से जमा किया जाएगा। किसी आउटसोर्सिंग कंपनी या एजेंसी को कर्मचारी के वेतन से अनावश्यक कटौती या सर्विस चार्ज लेने की अनुमति नहीं होगी। सेवा प्रदाता कंपनी को सरकार अलग से सेवा शुल्क देगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी के नाम पर जमा भविष्य निधि उसकी भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का आधार बनेगी। ईएसआई के माध्यम से कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि ईएसआई अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तो कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के लिए इसे आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कर्मचारी और उसके परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सके।मातृत्व अवकाश समेत सभी वैधानिक सेवा लाभ कर्मचारियों को उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी के साथ शोषण नहीं होने दिया जाएगा और किसी आउटसोर्स कंपनी को मनमाने ढंग से कर्मचारी को हटाने की अनुमति नहीं होगी। किसी कर्मचारी को हटाने से पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी और मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि आउटसोर्स सेवा निगम और स्टेट बैंक के बीच हुए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। निर्धारित वेतनमान के आधार पर दुर्घटना बीमा कवर भी मिलेगा। दुर्घटना या आपदा की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 20 लाख से लेकर 40-50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।अग्निकांड की स्थिति में बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये तक, आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए 5 लाख रुपये तक तथा आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया। बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में परिवार को बैंक के माध्यम से तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही गई।लोक भवन के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विकास भवन सभागार, गाजीपुर में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत रहीं। विशिष्ट अतिथि प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की ओर से बीओसीडब्ल्यू लाभार्थियों को डेमो चेक तथा सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट का वितरण किया गया।राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि यह दिन प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि वर्षों से कर्मचारी कम मानदेय, समय से भुगतान न होने और बिचौलियों के शोषण जैसी समस्याओं से जूझते रहे हैं। आउटसोर्स सेवा निगम के गठन और डिजिटल पोर्टल से भर्ती एवं भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी तथा गाजीपुर के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम कर्मचारियों के हित में मील का पत्थर साबित होगा। डिजिटल व्यवस्था से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान पारदर्शी तरीके से हो सकेगा और उनका मनोबल बढ़ेगा।नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने सफाई कर्मचारियों को नगर पालिका की रीढ़ बताते हुए सुरक्षा किट वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके हितों के लिए नगर पालिका शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करेगी।जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह ने आउटसोर्स सेवा निगम के नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब आउटसोर्स भर्तियां सेवा निगम के पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी। आरक्षण नियमों का पालन, ईपीएफ एवं ईएसआई की सुविधा तथा न्यूनतम मानदेय 20 हजार रुपये तक सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई। मानदेय सीधे कर्मचारी के खाते में भेजा जाएगा और किसी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा।उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया में जरूरतमंद एवं पात्र महिलाओं सहित स्थानीय निवासियों को शासनादेश के अनुसार वरीयता दिए जाने का प्रावधान है। कर्मचारियों को माह की पांच तारीख तक पारिश्रमिक भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद धीरेन्द्र राय, सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मी उपस्थित रहे।