जनहित ही सर्वोपरि, जनसेवा ही प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री योगी ने जनता दर्शन में

जनहित ही सर्वोपरि, जनसेवा ही प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री योगी ने जनता दर्शन में सुनीं फरियादें *लखनऊ।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सोमवार सुबह लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, 5-कालिदास मार्ग पर आयोजित 'जनता दर्शन' में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री खुद एक-एक फरियादी के पास गए, उनके प्रार्थना पत्र लिए और संबंधित अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक समाधान के निर्देश दिए। *मुख्य बातें -* *1. हर समस्या का हो समयबद्ध समाधान:* मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक पीड़ित की समस्या का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिपरक ढंग से होना चाहिए। यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशान होना पड़ा है तो उसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए। *2. गरीब को उजाड़ने वालों पर सख्ती:* जमीन पर अवैध कब्जे, पुलिस कार्रवाई में देरी और चोरी/लूट के मामलों में कई फरियादियों ने शिकायत रखी। इस पर मुख्यमंत्री सख्त हुए और कहा कि गरीबों, कमजोरों को उजाड़ने और सताने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कब्जे तत्काल हटवाए जाएं। *3. इलाज में पैसा नहीं बनेगा बाधा:* जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि "आप सिर्फ अस्पताल का इस्टीमेट बनवाकर भेजिए, मरीज का ध्यान रखिए, बाकी सरकार पर छोड़ दीजिए। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस्टीमेट की प्रक्रिया तुरंत पूरी कर शासन को भेजी जाए ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से तुरंत सहायता राशि जारी की जा सके। साथ ही आयुष्मान कार्ड से वंचित पात्र लोगों के कार्ड बनवाने के भी निर्देश दिए। *4. नन्हे-मुन्नों को दुलार:* जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों से मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से मुलाकात की। उनके सिर पर हाथ फेरकर दुलारा, चॉकलेट-टॉफी देकर खूब पढ़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि लाना ही सरकार की प्राथमिकता है और जनता दर्शन इसी जनसेवा की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।