विधान परिषद में तीन स्थायी समितियों की प्रथम बैठक, सभापति कुंवर मानवेन्द्र

विधान परिषद में तीन स्थायी समितियों की प्रथम बैठक, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह बोले - समितियां जनहित से जुड़ी हैं, त्वरित न्याय दें *लखनऊ, 31 अगस्त 2026।* उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने आज विधान भवन स्थित सभापति कक्ष संख्या-26 में वर्ष 2026-27 के लिए पुनर्गठित तीन महत्वपूर्ण स्थायी समितियों की प्रथम बैठक का उद्घाटन कर संबोधित किया। इस दौरान प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह सहित विधान परिषद के अधिकारीगण मौजूद रहे। *1. अनुसूचित जाति/जनजाति एवं विमुक्त जाति संबंधी समिति* *सभापति - श्री अनूप गुप्ता (11 सदस्य)* समिति में अश्वनी त्यागी, महेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. रतन पाल सिंह, कुंवर महाराज सिंह, सलिल विश्नोई, राम तीर्थ सिंघल, अशोक कटारिया, गोविन्द नारायण शुक्ल, पवन कुमार सिंह और किरण पाल कश्यप सदस्य हैं। सभापति ने कहा, _"अनूप गुप्ता जी अनुभवी हैं। यह जनहित की महत्वपूर्ण समिति है जो दलित, उत्पीड़ित, शोषित व कमजोर वर्ग की समस्याओं पर विचार करती है। जिन लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है, उन्हें इस समिति के माध्यम से न्याय मिलेगा। देर से मिले न्याय का महत्व कम हो जाता है, इसलिए त्वरित निस्तारण करें।"_ *2. संसदीय अध्ययन समिति* *सभापति - श्री राज बहादुर सिंह चंदेल* सभापति ने कहा, _"यह अत्यन्त महत्वपूर्ण समिति है जो अनेक प्रासंगिक एवं महत्वपूर्ण संसदीय तथा संवैधानिक विषयों का अध्ययन करके प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत करती है, जिससे संसदीय व लोकतांत्रिक प्रणाली लाभान्वित होती है तथा शोधार्थी लाभ उठाते हैं। राज बहादुर सिंह चंदेल जी का संसदीय अनुभव उच्चकोटि का है। सभी सदस्य वरिष्ठ व विद्वान हैं। उनके नेतृत्व में समिति अच्छा काम करेगी। सचिवालय और मेरा पूर्ण सहयोग मिलेगा।"_ *3. प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति* *सभापति - श्री ओम प्रकाश सिंह जी* सभापति ने बताया कि इस समिति का गठन पहली बार 15 सितंबर 1995 को किया गया था। 1997, 1998 में पुनर्गठन के बाद 1999 में रिपोर्ट पेश की गई थी। फिर अपरिहार्य कारणों से विघटित होने के बाद 31 मई 2006 को इसका पुनर्गठन हुआ और तब से यह निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, _"यह समिति बहुत ही महत्वपूर्ण है और सीधे आम जनता से जुड़ी है। प्रदेश में ग्रामीण, नगरीय और औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत उत्पादन-वितरण संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु इसका गठन हुआ है। यह विभाग के अधिकारियों को बुलाकर साक्ष्य लेकर जनता के प्रकरणों का निस्तारण करती है। सभी सदस्य योग्य एवं अनुभवी हैं।"_ अंत में माननीय सभापति जी ने सभी समितियों के सभापतियों एवं सदस्यों को सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।