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Rajkumar Raj
Gorakhpurलगभग २ घंटे पहले

गोरखपुर जेल में बंद विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत घरेलू

गोरखपुर जेल में बंद विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत घरेलू

गोरखपुर जेल में बंद विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत घरेलू हिंसा के मामले में तीन दिन पहले कोर्ट के आदेश पर हुआ था जेल दाखिला, अचानक दौरा पड़ने पर अस्पताल कराया गया भर्ती गोरखपुर। जिला जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान पीपीगंज क्षेत्र के जसवल बाजार निवासी समीर शेख (30) के रूप में हुई है। जेल प्रशासन के अनुसार समीर को घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े एक मामले में न्यायालय के आदेश पर 19 अगस्त 2026 को जिला जेल में दाखिल किया गया था। जेल में रहने के दौरान 21 अगस्त की शाम अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे दौरे की समस्या हुई। जेल में प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार नहीं होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के अनुसार समीर शेख को घरेलू हिंसा अधिनियम के एक मामले में कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था। जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी पहले से ही क्रॉनिक अल्कोहलिक था और लीवर तथा किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित था। 21 अगस्त की शाम अचानक उसे दौरा पड़ा। जेल में मौजूद चिकित्सकीय टीम ने तत्काल उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जेल प्रशासन ने बिना देरी किए बंदी को जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में चिकित्सकों ने उसका परीक्षण किया और गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए भर्ती कर लिया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा था। जेल प्रशासन के मुताबिक रात करीब 8:30 बजे विशेषज्ञ चिकित्सक ने समीर शेख को मृत घोषित कर दिया। बंदी की मौत की सूचना जेल प्रशासन ने उसके परिजनों को दे दी। घटना के बाद जेल प्रशासन ने शव के नियमानुसार पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट को नामित किए जाने का अनुरोध किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। जेल प्रशासन के अनुसार मामले में नियमानुसार सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। बंदी की मौत के संबंध में संबंधित अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। पोस्टमार्टम और अन्य वैधानिक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया की जाएगी।

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