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Deoriaलगभग २ घंटे पहले

क्षत्रिय बोर्डिंग हाउस में सेंट्रल हॉल का उद्घाटन, राजमाता चंडिका कुँवरी के

क्षत्रिय बोर्डिंग हाउस में सेंट्रल हॉल का उद्घाटन, राजमाता चंडिका कुँवरी के

क्षत्रिय बोर्डिंग हाउस में सेंट्रल हॉल का उद्घाटन, राजमाता चंडिका कुँवरी के शिक्षा-संकल्प को किया गया नमन देवरिया। शहर स्थित ऐतिहासिक क्षत्रिय बोर्डिंग हाउस परिसर में बुधवार को नगर पालिका परिषद देवरिया की अध्यक्ष अलका सिंह ने नवनिर्मित सेंट्रल हॉल का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग, छात्र, पूर्व छात्र एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राजमाता महारानी चंडिका कुँवरी के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जानकारी के अनुसार, मझौली राजघराने की राजमाता महारानी चंडिका कुँवरी ने वर्ष 1912 में लगभग 10 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस छात्रावास की स्थापना गरीब, असहाय एवं मेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा के उद्देश्य से कराई थी। इस छात्रावास में देवरिया, बलिया, कुशीनगर, गोरखपुर, सिवान तथा गोपालगंज सहित कई जनपदों के छात्र निशुल्क रहकर शिक्षा प्राप्त करते रहे हैं। यहां विद्यार्थियों के लिए आवास, भोजन, स्नान एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रही हैं। कार्यक्रम में क्षत्रिय बोर्डिंग हाउस के वार्डन रणवीर सिंह बघेल ने बताया कि राजमाता चंडिका कुँवरि का जन्म दिनांक 19 नवंबर 18 69 में हुआ था तथा उनका स्वर्गवास 9 मार्च 1942 में हुआ। इनकी माता का नाम श्रीमती विष्णु राज कुंवरि तथा पिता राजा राजेंद्र बहादुर सिंह तथा इनके पति लाल खड़ग बहादुर सिंह मल्ल जो मूल रूप से देवरिया जनपद के मझौली स्टेट घराने से आती हैं। इन्होंने अपने जीवनकाल में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए समाज के गरीब एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अंग्रेजों के शासनकाल में तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए यह छात्रावास स्थापित कराया। उनकी सोच का परिणाम है कि आज भी यह संस्थान शिक्षा और सामाजिक चेतना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि राजमाता चंडिका कुँवरी समाज के सभी वर्गों—गरीब, दलित, शोषित और वंचित—की हितैषी थीं। उनकी दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति समर्पण के कारण हजारों विद्यार्थियों ने यहां से शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। आज भी पूर्व छात्र इस संस्थान से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और समय-समय पर यहां पहुंचकर अपनी स्मृतियों को ताजा करते हैं। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी स्वर्गीय मनोज सिंह जरार की स्मृति को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उनकी स्मृति में निर्मित सेंट्रल हॉल का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह ने किया। वक्ताओं ने कहा कि इस हॉल के निर्माण से समाज की बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी और इससे समाज को नई दिशा एवं ऊर्जा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने राजमाता महारानी चंडिका कुँवरी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शिक्षा एवं समाज सेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। मौके पर महेश प्रताप सिंह, कामेश्वर सिंह, बंटी सिंह, अखिलेदर शाही, वसंत लाल श्रीवास्तव, संतोष सिंह, जेपी शर्मा ,बीरा सिंह, रणविजय सिंह बघेल, भूपेंद्र सिंह, राजेश सिंह श्रीनेत, अरविंद सिंह, सुनील सिंह, सहित काफी संख्या में लोग रहे मौजूद। रिपोर्ट: , देवरिया

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