गाजीपुर के सभी विद्यालयों में मिशन शक्ति विशेष अभियान की कार्ययोजना लागू

गाजीपुर के सभी विद्यालयों में मिशन शक्ति विशेष अभियान की कार्ययोजना लागू 11 से 19 अक्टूबर तक बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए होंगी प्रतिदिन विशेष गतिविधियां; ‘एक दिन का जिलाधिकारी’ से लेकर आत्मरक्षा प्रशिक्षण तक होंगे आयोजन गाजीपुर, 12 अक्टूबर 2026 ।जनपद की बालिकाओं को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग ने मिशन शक्ति विशेष अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना जारी की है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजीपुर द्वारा जनपद के समस्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में इस अभियान को संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के अंतर्गत बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास, अधिकारों, स्वास्थ्य, वित्तीय साक्षरता और स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवनोपयोगी जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।मिशन शक्ति अभियान की कार्ययोजना के तहत प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। विद्यालयों में पोस्टर प्रदर्शन, जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, संवाद कार्यक्रम, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से छात्राओं को व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।11 अक्टूबर:विद्यालयों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस सहायता नंबर 112 और महिला हेल्पलाइन 181 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं से संबंधित पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों की जानकारी भी दी जाएगी।12 अक्टूबर:बाल अधिकारों पर आधारित नुक्कड़ नाटक तथा स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ जन-जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों का संदेश समाज तक पहुंचाया जाएगा।13 अक्टूबर: बालिकाओं को विद्यालय, ब्लॉक, तहसील, जिला एवं मंडल स्तर पर प्रमुख पदों की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव कराने के लिए एक दिन के लिए महत्वपूर्ण पदों पर आसीन किया जाएगा। इसमें ‘एक दिन का जिलाधिकारी’ जैसी गतिविधियां शामिल हैं, जिससे छात्राओं में नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के प्रति समझ विकसित हो सके।14 अक्टूबर: विद्यालयों में ‘मदर मेला’ आयोजित किया जाएगा। इसमें माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग एवं निपटान पर चर्चा होगी। जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा।15 अक्टूबर: बालिकाओं को निकटवर्ती बैंकों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान वित्तीय साक्षरता, बैंक खाते के संचालन और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि छात्राएं आर्थिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें।16 अक्टूबर: छात्राओं के लिए आत्मसम्मान (सेल्फ-एस्टीम) प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। साथ ही सरकारी अस्पतालों के भ्रमण के दौरान ओपीडी पर्चा बनवाने, चिकित्सक से परामर्श लेने तथा जांच की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।17 अक्टूबर:महिला अधिकारियों एवं विशिष्ट महिलाओं को विद्यालयों में आमंत्रित कर छात्राओं के साथ संवाद कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त आत्मरक्षा प्रशिक्षण, खेलकूद, गाइड और एनसीसी प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर रहेगा।18 अक्टूबर: छात्राओं को निकटवर्ती पुलिस थाना अथवा कोतवाली का भ्रमण कराया जाएगा। उन्हें एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, गिरफ्तारी से संबंधित नियमों और डिजिटल एवं साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस दिन बच्चों द्वारा ‘बाल अखबार’ का निर्माण भी किया जाएगा।19 अक्टूबर:अभियान के अंतिम दिन जेंडर स्टीरियोटाइप, विधिक साक्षरता, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह की रोकथाम और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित नुक्कड़ नाटकों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभाग ने सख्त अनुश्रवण एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था निर्धारित की है। सभी गतिविधियों की प्रगति की नियमित समीक्षा सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से की जाएगी।निर्देशों के अनुसार, समस्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन प्रतिदिन दोपहर एक बजे तक आयोजित गतिविधियों की संक्षिप्त आख्या गूगल फॉर्म पर दर्ज करेंगे। कार्यक्रमों से संबंधित फोटो एवं वीडियो विभागीय ईमेल missionshaktishiksha@gmail.com पर भेजे जाएंगे।खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) को ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर समन्वय, कार्यक्रमों की निगरानी और आवश्यक दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी विद्यालयों में विद्यालय विकास अनुदान मद से मिशन शक्ति के मानक बैनर प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके माध्यम से छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजीपुर ने सभी संबंधित अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों, वार्डेन एवं शिक्षकों को पूर्ण निष्ठा के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं। विभाग का उद्देश्य है कि निर्धारित गतिविधियों का लाभ जनपद की प्रत्येक बालिका तक पहुंचे और वह अपने अधिकारों, सुरक्षा के उपायों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक हो सके।मिशन शक्ति विशेष अभियान के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार, वित्तीय साक्षरता, आत्मरक्षा और नेतृत्व क्षमता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यालयों में आयोजित होने वाली गतिविधियां छात्राओं को न केवल जागरूक बनाएंगी, बल्कि उन्हें जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित करेंगी।