फिजियोथेरेपी केवल दर्द से राहत नहीं, शरीर की कार्यक्षमता लौटाने का माध्यम : डॉ. निर्भय निनाद

बडहलगंज गोरखपुर। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निर्भय निनाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिजियोथेरेपी का उद्देश्य केवल दर्द से राहत दिलाना नहीं, बल्कि शरीर की गतिविधियों और कार्यक्षमता को दोबारा बेहतर बनाना है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कमर व गर्दन दर्द, कूल्हे में दर्द, हाथ-कंधे एवं घुटनों का जाम होना, मांसपेशियों में कमजोरी, जोड़ों में जकड़न तथा शारीरिक गतिविधियों में कमी जैसी समस्याएं तेजी से आम हो रही हैं। डॉ. निनाद ने कहा कि शरीर किसी भी समस्या के शुरू होने से पहले कई तरह के संकेत देता है, लेकिन लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं या केवल दर्द दबाने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं। उन्होंने बताया कि कई परिस्थितियों में दवाओं की चिकित्सकीय भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन हर दर्द का स्थायी समाधान केवल दवा नहीं है। दर्द के मूल कारण को समझना, शरीर की कमजोरी एवं असंतुलन की पहचान करना और उसके अनुरूप उपचार व व्यायाम करना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि फिजियोथेरेपी स्वास्थ्य की एक वैज्ञानिक पद्धति है, जिसमें मरीज को केवल आराम देने के बजाय उसे दोबारा चलने, उठने-बैठने, काम करने और दैनिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से करने में सक्षम बनाने पर जोर दिया जाता है। इसके लिए उचित एक्सरसाइज, मैनुअल थेरेपी, मोबिलाइजेशन, स्ट्रेचिंग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पोस्चर करेक्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। डॉ. निनाद ने कहा कि शरीर में होने वाले शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानकर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है। किसी समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय उसके कारण की पहचान कर उचित उपचार और व्यायाम अपनाने से शारीरिक क्षमता और दैनिक गतिविधियों को बेहतर बनाए रखने में काफी मदद मिल सकती है।