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Lucknowलगभग ३ घंटे पहले

मोहद्दीपुर फ्लाईओवर हादसे में मृतक उमेश शर्मा के परिजनों को मिला आर्थिक

मोहद्दीपुर फ्लाईओवर हादसे में मृतक उमेश शर्मा के परिजनों को मिला आर्थिक

मोहद्दीपुर फ्लाईओवर हादसे में मृतक उमेश शर्मा के परिजनों को मिला आर्थिक सहारा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 5 लाख का चेक सौंपा, दोषी को सख्त सजा की मांग गोरखपुर। मोहद्दीपुर फ्लाईओवर पर 4 मार्च को हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले उमेश शर्मा के परिवार को प्रशासन की ओर से उनके आवास जेल रोड तिराहा पर पहुंच कर आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने रविवार को मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये का चेक सौंपा। इस दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह तथा सदर तहसील के एसडीएम दीपक गुप्ता भी मौजूद रहे। मृतक उमेश शर्मा, ब्रह्मदेव शर्मा के पुत्र थे और बिजली का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी संजू शर्मा (47 वर्ष), बेटी तान्या शर्मा (19 वर्ष) और पुत्र राजीव शर्मा (12 वर्ष) हैं। परिवार के मुताबिक उमेश शर्मा अपने मेहनत और ईमानदारी से घर चलाते थे और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया । परिजनों ने बताया कि 4 मार्च की रात मोहद्दीपुर फ्लाईओवर पर गोल्डी निषाद की फॉर्च्यूनर गाड़ी से हुए हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उमेश शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल इलाज के लिए एम्स गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 5 मार्च को उन्होंने दम तोड़ दिया। उमेश शर्मा के भाई राजेश शर्मा ने बताया कि परिवार पूरी तरह टूट गया है। उमेश ही घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके जाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, परिवार को सरकारी आवास, आयुष्मान कार्ड की सुविधा तथा दोनों बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाया जाए ताकि भविष्य सुरक्षित हो सके। इस दौरान परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार आरोपी गोल्डी निषाद को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि मृत्युदंड दिए जाने की मांग भी उठाई। परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लिया और प्रशासन को तत्काल पीड़ित परिवार की मदद करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और विधायक विपिन सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जो भी संभव सहायता होगी, वह परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बच्चों की शिक्षा और परिवार की अन्य जरूरतों को लेकर भी प्रशासन संवेदनशील है। हादसे में जान गंवाने वाले एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय संत कबीर नगर जनपद के निवासी थे। उनके परिवार को वहां के जिलाधिकारी द्वारा पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान दिया जा चुका है । आकाश पांडेय एक होनहार छात्र थे और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना देख रहे थे। उनकी असमय मृत्यु से उनके गांव और परिवार में भी गहरा शोक व्याप्त है। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद मंता लाल, क्षेत्रीय लेखपाल राम कुमार गुप्ता सहित अन्य स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मोहद्दीपुर फ्लाईओवर पर हुए इस हादसे ने एक परिवार का सहारा छीन लिया और एक होनहार छात्र की जिंदगी खत्म कर दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई और सख्त नियम लागू किए जाएं तो ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है।

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