पसमांदा और मुस्लिम दलित जातियों की अनदेखी का कांग्रेस पर आरोप

आजमगढ़। राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष यूथ नूरूल हूदा ने शनिवार को अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पर पसमांदा और मुस्लिम दलित जातियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी की जारी सूची में इन वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। नूरूल हूदा ने कहा कि पसमांदा और मुस्लिम दलित जातियां लंबे समय से राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग कर रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से राष्ट्रपति आदेश-1950 में बदलाव कर मुस्लिम और ईसाई दलितों को भी आरक्षण का लाभ देने की मांग की। समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। कहा कि पसमांदा समाज की बड़ी आबादी होने के बावजूद उसे राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा और लोकसभा में पसमांदा समाज का प्रतिनिधित्व नगण्य है तथा 17 मुस्लिम दलित जातियों को अभी तक पर्याप्त राजनीतिक भागीदारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को केवल चुनाव के समय वोट बैंक के रूप में इन वर्गों को देखने के बजाय उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से पसमांदा और मुस्लिम दलित समाज की राजनीतिक भागीदारी पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।